पूर्णिया से अखिलेश चंद्रा की रिपोर्ट
Adityadham Sun Temple: पूर्णिया जिला मुख्यालय के मरंगा स्थित आदित्यधाम सूर्य मंदिर आस्था और सनातन संस्कृति का एक बड़ा केंद्र बन चुका है, रविवार के विशेष अवसर पर यहाँ भगवान सूर्य के दिव्य दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. सात घोड़ों पर विराजे भगवान भास्कर की मनमोहक प्रतिमा, मंदिर की भव्यता और परिसर के सामने स्थित सुंदर तालाब का धार्मिक वातावरण भक्तों को एक अनोखी आध्यात्मिक अनुभूति से भर देता है.
सात घोड़ों वाले रथ पर विराजते हैं सूर्यदेव, 2016 में हुआ था निर्माण
इस भव्य मंदिर की मुख्य विशेषताएं और इतिहास निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:
- वैदिक परंपरा का प्रतीक: आदित्यधाम की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ स्थापित भगवान सूर्य की अलौकिक प्रतिमा है, जिसमें सूर्यदेव सात घोड़ों के रथ पर सवार दिखाई देते हैं, यह दृश्य वैदिक परंपरा और सूर्य आराधना की प्राचीन मान्यताओं का जीवंत प्रतीक माना जाता है.
- बियाडा परिसर में स्थापना: मरंगा स्थित बियाडा परिसर के भीतर वीवीआईटी (VVIT) कैंपस में स्थित इस आधुनिक सूर्य मंदिर का निर्माण वर्ष 2016 में कराया गया था, स्थापना के बाद से ही यहाँ नियमित रूप से धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहता है.
सामने बना सुंदर तालाब, छठ महापर्व और अचला सप्तमी पर होता है विशेष अनुष्ठान
धार्मिक मान्यता और आयोजन: मंदिर के ठीक सामने बना खूबसूरत तालाब इस धार्मिक स्थल की भव्यता में चार चांद लगाता है, स्थानीय लोगों के अनुसार, कार्तिक महीने के महापर्व छठ के दौरान यहाँ का दृश्य अलौकिक होता है, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस तालाब में खड़े होकर अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं. इसके अलावा, वसंत पंचमी के बाद आने वाली अचला सप्तमी पर भी यहाँ विशेष महाआरती और बड़े अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है.
कैसे पहुंचे आदित्यधाम?
यातायात मार्ग:
आदित्यधाम पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को पूर्णिया शहर से मरंगा स्थित बियाडा परिसर तक जाना होता है, वीवीआईटी कैंपस के भीतर प्रवेश करते ही यह भव्य मंदिर आसानी से दिखाई दे जाता है. शांत वातावरण, सुंदर हरियाली और पवित्र परिसर होने के कारण यह स्थान अब धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी जिला वासियों के लिए एक पसंदीदा केंद्र बन चुका है, जहाँ सामान्य दिनों में भी लोग परिवार के साथ दर्शन और मानसिक शांति के लिए पहुंचते हैं.
