पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में कुल 32 मामलों की सुनवाई, पांच का निष्पादन

पांच का निष्पादन

पूर्णिया. पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में शुक्रवार को कुल 32 मामलों की सुनवाई हुई.इसमें पांच मामले निष्पादित किये गये. चार मामलों में पति पत्नी को समझा बूझकर उनके घर फिर से बसा दिया गया. दो मामले में पति पत्नी के बीच का विवाद सुलझ नहीं सका और उन्हें थाना या न्यायालय जाने की सलाह दी गई. जिले के अमौर थाना क्षेत्र के एक पति ने कसबा थाना के हजारीबाग की रहनेवाली अपनी पत्नी के विरुद्ध शिकायत किया की शादी के आठ साल के बाद भी पत्नी की आदत में कोई सुधार नहीं हुआ है. तीन बच्चे भी हैं,लेकिन जब मां का फोन आता है,ससुराल छोड़कर मायके चली जाती है.वह अक्सर दिल्ली में रहती है.जबकि वे अपनी पत्नी एवं बच्चों के साथ रहना चाहता हूं. केंद्र में मौजूद पत्नी कहा कि पति जितना भी कमाता है, वह अपनी भाभी को दे देता है.वह पति के साथ रहना चाहती है.इस शर्त पर कि वह न तो भाभी से संपर्क रखें और और न ही भाभी के पति की दुकान से कोई सामान खरीदें.उसने कहा कि पति खुद ऑटो चलाता है. ओटो की कमाई से ही वह अपना परिवार चला लेगी, उसे भाई की दुकान से कुछ लेने की जरूरत नहीं है. समझाने पर दोनों पर आपस में मिल गये और खुशी-खुशी बॉन्ड पेपर पर हस्ताक्षर कर अपने घर के लिए विदा हो गई.मामले को सुलझाने में महिला थानाध्यक्ष सह पुलिस परिवार परामर्श केंद्र की संयोजिका शबाना आजमी सदस्य, दिलीप कुमार दीपक, स्वाति वैश्ययंत्री, जीनत रहमान, बबीता चौधरी, रविंद्र साह, पुलिस आशुतोष झा आदि शामिल थे.

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Author: ARUN KUMAR

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