पूर्णिया में अबतक 93 प्रतिशत लोगों ने जमा किये अपने कागजात

मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची प्रारूप के प्रकाशन के बाद एक अगस्त से संपूर्ण जिले में मतदाताओं द्वारा अपना दावा और आपत्ति पेश किया जा रहा है.

आधार कार्ड को दस्तावेज की अनुमति मिलने से ज्यादा लोगों के नाम हो सकेंगे शामिल

पूर्णिया. मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची प्रारूप के प्रकाशन के बाद एक अगस्त से संपूर्ण जिले में मतदाताओं द्वारा अपना दावा और आपत्ति पेश किया जा रहा है. निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, अबतक जिले के लगभग 93 प्रतिशत लोगों ने अपने कागजात प्रस्तुत कर दिए हैं. वहीं सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद आधार कार्ड को दस्तावेज की अनुमति मिल जाने से ज्यादा लोगों के नाम शामिल हो सकेंगे. फिलहाल दावा-आपत्ति के तहत शेष के लिए भी लगातार विशेष कैंप के जरिये सातों दिन यह अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत 14 प्रखंडों एवं 10 नगर पंचायतों के साथ-साथ नगर निगम क्षेत्र में भी विशेष कैंप की व्यवस्था की गयी है. इन विशेष शिविरों में प्रातः 10 बजे से लेकर संध्या पांच बजे तक दावा एवं आपत्तियों के साथ संबंधित कागजात समर्पित कर सकते हैं.

जिले में ढाई लाख से ज्यादा लोगों के कटे हैं नाम

गौरतलब है कि जिले में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के अनुसार जिले के कुल दो लाख 73 हजार 920 मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किये गये हैं. ये वैसे मतदाता हैं, जिनका या तो निधन हो चुका है या जिनके नाम दो स्थानों पर पंजीकृत हैं अथवा वे दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर गए हैं और जिन्हें घर घर निरीक्षण के तहत बीएलओ द्वारा उपस्थित नहीं पाया गया. वहीं मतदाता सूची से हटाये गये मतदाताओं के नाम निर्वाचन विभाग ने कारणों सहित जारी कर दिए हैं. विभाग ने लोगों की सहूलियत के लिए इसे मतदान केंद्र वार प्रकाशित किया है.

अब छूटे मतदाताओं को मिला आसान विकल्प

मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण यानि एसआईआर अभियान के तहत विभिन्न कारणों की वजह से काटे गये नामों के साथ-साथ अन्य मामलों में मतदाता सूची में नाम को जुड़वाने के लिए जिन 11 प्रकार के दस्तावेजों का विकल्प निर्वाचन आयोग ने दिया था, उसमें अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आधार कार्ड का विकल्प भी जोड़ा जाना तय हो गया है. इससे वैसे लोगों को अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने में सहूलियत होगी, जिनके पास पूर्व से निर्धारित 11 प्रकार के वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई प्रमाण मौजूद नहीं है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा आधार को वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में शामिल करने के आदेश से नाम चढ़वाने से अबतक वंचित मतदाताओं को राहत मिली है.

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By ARUN KUMAR

ARUN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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