Bihar: बिहार के पूर्णिया, भागलपुर, अररिया और कटिहार रूट पर चलेंगी 50 इलेक्ट्रिक बसें, सिलीगुड़ी तक सफर होगा आसान

Bihar Electric Bus: बिहार के पूर्णिया जिले से भागलपुर, कटिहार, अररिया और सिलीगुड़ी रूट पर बहुत जल्द 50 नई इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी. इस रूट पर इलेक्ट्रिक बस चलने से लोगों को सफर करने में सहूलियत होगी.

Bihar Electric Bus: बिहार के पूर्णिया से भागलपुर, कटिहार, अररिया और सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) रूट पर 50 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी. पूर्णिया परिवहन निगम को अगले कुछ महीनों में 50 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी. इन बसों को लिए चार्जिंग प्वाइंट डिपो में बनाया जाएगा. विभाग अन्य जगहों पर भी चार्जिंग प्वाइंट बनाने के लिए स्थान चिह्नित कर रहा है. विभाग ने इलेक्ट्रिक बसों के रूट को लेकर प्लानिंग शुरू कर दी है.

फरवरी में बिहार को दी जाएगी 35 बसें

बिहार राज्य पथ परिवहन निगम पूर्णिया के क्षेत्रीय अधीक्षक अजिताभ आनंद ने बताया कि फरवरी 2025 में परिवहन निगम से तीन दर्जन लग्जरी बस फर्राटे भरने लगेंगी. इन बसों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है. बिहार के लोगों को बस की सुंदरता और भव्यता काफी पसंद आएगा. बता दें कि नीतीश सरकार के द्वारा फरवरी महीने में 35 बसें दी जाएंगी. इनमें से डीजल से चलने वालीं 25 बड़ी बसें और नगर सेवा के लिए 10 सीएनजी बसें मिलेंगी. अजिताभ आनंद ने बताया कि इसके अलावा 50 इलेक्ट्रिक बसें अगले 6 महीने के अंदर मिलने की संभावना है.

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दिसंबर महीने में मिली थी 8 नई बसें

अजिताभ आनंद ने बताया कि नई बस मिलने से पूर्णिया जिले से भागलपुर, कटिहार, अररिया और सिलीगुड़ी जाने वाले यात्रियों को काफी सुविधा होगी. इससे पहले बिहार सरकार ने दिसंबर 2025 में पूर्णिया को 8 नई बसें दी थीं. इनमें से दो बस जोगबनी से सिलीगुड़ी रूट पर सफलता पूर्वक चलाई जा रही है. इसके अलावा दो बस सहरसा और पटना, दो बसे पूर्णिया से विशनपुर और दो बस भागलपुर रूटों पर चल रही है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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