राष्ट्रीय लोक अदालत में 15 आपराधिक वाद सहित बैंक के 125 मामलों का निबटारा

विभिन्न बैंक के 56.89 लाख की वसूली

– विभिन्न बैंक के 56.89 लाख की वसूली बनमनखी. सिविल कोर्ट, बनमनखी में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित एवं प्रीलिटिगेशन मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर व्यापक निपटारा किया गया. लोक अदालत के दौरान बैंक संबंधित कुल 1,939 मामलों को सुनवाई के लिए लिया गया, जिनमें से 125 मामलों का सफल निस्तारण हुआ. उल्लेखनीय रूप से इनमें 15 आपराधिक (क्रिमिनल) वादों का भी निपटारा पक्षकारों की आपसी सहमति से किया गया. लोक अदालत में बैंक ऋण वसूली, बिजली-पानी बिल सहित सुलहयोग्य दीवानी और फौजदारी मामलों पर सुनवाई हुई. बैंक से जुड़े मनी रिकवरी मामलों में कुल बकाया राशि 4,68,88,862 के विरुद्ध76,80,467 रुपये की समझौता राशि तय की गई, जबकि 56,89,967 रूपये की वास्तविक वसूली दर्ज की गई.इससे बैंकों को त्वरित राहत मिली और खाताधारकों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से निजात मिली.लोक अदालत में पीठासीन पदाधिकारी के रूप में मुंसिफ सह न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, बनमनखी श्री अनुराग उपस्थित रहे. सदस्य के रूप में अधिवक्ता ध्रुव कुमार भारती ने सहयोग किया. इस अवसर पर पीठासीन पदाधिकारी श्री अनुराग ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य न्याय को सरल, सुलभ और शीघ्र बनाना है. आपसी सुलह से न केवल समय और खर्च की बचत होती है, बल्कि समाज में सौहार्द और विश्वास भी मजबूत होता है. आपराधिक मामलों में सुलह नई शुरुआत का अवसर प्रदान करती है.लोक अदालत के सफल संचालन में न्यायालय के सहायक कर्मी धीरज कुमार,विनीत कुमार एवं शम्भू शंकर दयाल प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही. वहीं पैरा लीगल वॉलंटियर के रूप में राजेश कुमार सहित अन्य की सक्रिय उपस्थिति रही, जिन्होंने वादकारियों को मार्गदर्शन देकर प्रक्रिया को सुचारु बनाया.

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