रसोई पर महंगाई का कब्जा : 1.5 किलो चिकेन = 1 केजी परबल

पूर्णिया की मंडियों में इस साल चढ़े-चढ़े दिख रहे नई सब्जियों के तेवर

पूर्णिया की मंडियों में इस साल चढ़े-चढ़े दिख रहे नई सब्जियों के तेवर

चिकेन पर भी भारी पड़ रही हरी सब्जियां, कटहल भी दिखा रहा आंख

सब्जियों के दाम आसमान पर, परवल 200, सहजन 150 रुपये किलो

पूर्णिया. शहर और आसपास के बाजारों में इन दिनों नई सब्जियों के तेवर चढ़े-चढ़े दिख रहे हैं. आलम यह है कि कई हरी सब्जियां चिकेन पर भी भारी पड़ रही हैं. खासकर परबल तो आसमान छू रहा है. करीब डेढ़ किलो चिकेन की कीमत पर एक किलो परबल मिल रहा है. चिकेन बाजार में 160 रुपये किलो है जबकि परबल दो से ढाई सौ रुपये किलो बिक रहा है. कटहल की कीमत भी चिकन के करीब है. सीजनल सब्जियों में सहजन भी सस्ता नहीं है. कटहल के दाम भी चढ़े हुए हैं. चिकेन के दाम सब्जियों के दाम से ज्यादा होने के कारण लोग हरी सब्जियां खरीदने से भी बच रहे हैं. शहर में स्थिति यह हो गई है कि जिस तरह से सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं, उससे रोज कमाने-खाने वालों के लिए सब्जियां खरीदना पहुंच से बाहर हो गया है. दरअसल, इस बार के सीजन में हरी सब्जियों के आसमान छूते दामों से हर वर्ग परेशान है. भिण्डी, शिमला मिर्च, ब्रोकली, और करैला भी कम नहीं है. शहर के भट्ठा और खुश्कीबाग के सब्जी विक्रेताओं की मानें तो मार्केट में अभी लोकल सब्जियों का आवक नहीं के बराबर है. जो भी सब्जियां उपलब्ध हैं वे बाहर से आ रही हैं. यही वजह है कि मौसमी सब्जियों की कीमत पिछले साल की तुलना में अधिक है. पूर्णिया की सब्जी मंडियों में बाहर से आने वाली सब्जियां अभी टाइट ही उतर रही है. भिण्डी अभी 140 रूपए प्रति किलो बिक रहा है जबकि करैला के दाम सौ से 125 रूपए तक लगाए जा रहे हैं. सहजन एक तो मोटा-मोटा बीज वाला आ रहा है और उस पर इसके दाम दो सौ से कम नहीं हैं. कटहल 150 तक बिक रहा है. मशरुम के दो सौ ग्राम वाले पैकेट 50 रूपए में मिल रहे हैं.

बिगड़ गया है महिलाओं के किचन का बजट

आलम यह है कि सब्जियों के आसमान छूते दाम के कारण महिलाओं के किचन का बजट बिगड़ गया है. नतीजतन गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों की थाली से हरी सब्जियां लगभग गायब हो गई हैं. कई गृहीणियों ने बताया कि बढ़े हुए दाम के कारण कई हरी सब्जियों की बजाय चिकेन तो कई महिलाएं दाल और चना की सब्जी से काम चला रही हैं. महिलाओं ने बताया कि कहने के लिए परबल और कटहल के दामों की चर्चा हो रही है पर हाट-बाजार में कोई सब्जी सस्ती नहीं है. मटर भी यहां 40 से 50 रूपए और कद्दू- कदीमा 40 रूपए तक बिक रहा है जबकि तीस रुपए से नीचे कोई सब्जी नहीं है. सीम के दाम भी चढ़े हुए हैं. सब्जी विक्रेता अर्जुन साह और फूलो गुप्ता बताते हैं कि आवक के हिसाब से बिक्री नहीं हो रही है. इस स्थिति में वे लोग खरीद भाव में भी सब्जियां निकालने की कोशिश करते हैं.

बंगाल की सब्जियों से पटा पूर्णिया का बाजार

इस साल पूर्णिया के सब्जी बाजारों में बंगाल की सब्जियां बिक रही हैं. अगर फूलगोभी को छोड़ दे तो लगभग अधिकांश सब्जियां पश्चिम बंगाल से आ रही हैं. सब्जी विक्रेताओं के अनुसार मांग को देखते हुए उन लोगों ने बंगाल से हरी सब्जी मंगानी शुरू कर दी है. कई सब्जी अन्य शहरों से आ रही है. विक्रेताओं की मानें तो परवल, खीरा, भिंडी, करैला, हरी मिर्च बंगाल से आ रही है. सहजन जमशेदपुर और बिहारशरीफ से उतर रहा है. फूल गोभी, टमाटर और पत्ता गोभी लोकल उत्पाद है जबकि प्याज और सीम भी बाहर से मंगाए जा रहे हैं. सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि बंगाल से आने वाली सब्जियां कोलकाता से टाइट ही हाती हैं जबकि इसमें ट्रांसपोर्टिंग कोस्ट भी जुड़ जाता है. इस कारण स्वाभाविक रुप से इसके दाम बढ़ जाते हैं. विक्रेताओं ने बताया कि फिलहाल इस दाम में होली तक गिरावट के आसार नहीं हैं.

———————————

सब्जियों के दाम पर एक नजर (प्रति किलो)

परवल- 200

कटहल- 120-150

भिंडी- 140 करेला- 120सीम- 40सहजन- 200ब्रोकली- 40शिमला मिर्च- 80फूलगोभी- 30टमाटर- 30पत्तागोभी- 30मटर- 40मशरूम- 50 में 200 ग्राम पैकेट कद्दू- 40कदीमा- 40

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >