जातीय गणना : बिहार की आबादी में 1.61 करोड़ परिवारों की हुई बढ़ोतरी, पटना की जनसंख्या 73 लाख से अधिक

पहले चरण की जाति गणना में पटना जिले में हर परिवार में औसतन पांच (5.3) सदस्य मिले हैं. जिले में कुल परिवारों की संख्या 13 लाख 82 हजार 717 है. इनमें परिवार के कुल सदस्यों की संख्या 73 लाख 52 हजार 729 है.

बिहार में जाती आधारित गणना की जो प्रारंभिक रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग को मिली है, उसके अनुसार राज्य में परिवारों की संख्या साढ़े तीन करोड़ होने का अनुमान लगाया गया है. हालांकि इससे संबंधित पूरी समेकित रिपोर्ट तैयारी होने में अभी समय लगेगा. वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर बिहार में परिवारों की संख्या एक करोड़ 89 लाख थी. 12 वर्षों में इसमें एक करोड़ 61 लाख वृद्धि होने की संभावना जतायी जा रही है.

बिहार में साढ़े तीन करोड़ परिवार होने का अनुमान

राज्य में एक से सवा करोड़ घर या बसावट होने का भी आंकलन किया जा रहा है. कई जिलों से संशोधित रिपोर्ट आने में अभी देरी है. उल्लेखनीय है कि.राज्य में जाति आधारित गणना का पहला चरण 21 जनवरी को पूरा होना के बाद पटना समेत कुछ अन्य जिलों से अधूरी रिपोर्ट आने के बाद सभी जिलों को इसे 25 जनवरी तक जमा करने को कहा गया था. शुरुआती आंकड़ों के हिसाब से राज्य में साढ़े तीन करोड़ परिवार होने का अनुमान है.

पटना की जनसंख्या 73 लाख से अधिक

पहले चरण की जाति गणना में पटना जिले में हर परिवार में औसतन पांच (5.3) सदस्य मिले हैं. जिले में कुल परिवारों की संख्या 13 लाख 82 हजार 717 है. इनमें परिवार के कुल सदस्यों की संख्या 73 लाख 52 हजार 729 है. जानकारों के अनुसार तय किये गये अनुमान के अनुसार कुल सदस्यों का आकलन ठीक रहा. परिवारों की संख्या में अंतर रहा. जिले में लगभग 19 लाख परिवार होने का अनुमान लगाया गया था.

पहले चरण का कार्य समाप्त 

पटना जिले में कुल भवनों की संख्या नौ लाख 23 हजार 727, मकानों की संख्या 11 लाख 65 हजार 748 है. सड़कों पर जहां-तहां डेरा डाल कर रहने वाले परिवारों की संख्या 3532 व कुल परिवार के सदस्यों की संख्या 19 हजार 505 है. बुधवार को पहले चरण की जाति गणना से संबंधित सभी चार्ज पदाधिकारियों व वरीय पदाधिकारियों ने सत्यापन के बाद अंतिम रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी. जिला अंतर्गत सभी चार्जों का संपूर्ण कवरेज के साथ पहले चरण का काम संपन्न हो गया.

क्या कहते हैं डीएम 

डीएम डाॅ चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि पहले चरण की गणना कार्य में सभी प्रगणकों, पर्यवेक्षकों और चार्ज पदाधिकारियों के साथ-साथ सभी संलग्न पदाधिकारियों ने अच्छा काम किया. जिले में रहनेवाले लोगों ने गणना में सहयोग किया. गणना से छूटे हुए कई लोगों ने कार्यालय व नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर गणना करायी. जिला जाति आधारित गणना कोषांग में स्थापित नियंत्रण कक्ष में गणना छूटने से संबंधित अब कोई काॅल नहीं प्राप्त हो रहा है. अब दूसरे चरण के काम के लिए जिला प्रशासन तैयार है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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