संवाददाता, पटना जेडी वीमेंस कॉलेज में 27 और 28 फरवरी को “समकालीन कथा साहित्य में सामाजिक प्रतिरोध” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा. इस संगोष्ठी में देशभर के साहित्यकारों, शोधार्थियों और शिक्षाविदों की भागीदारी होगी. कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रो. डॉ. गिरीश कुमार चौधरी करेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उपेंद्र प्रसाद सिंह करेंगे. मुख्य वक्ता के रूप में जेएनयू के भारतीय भाषा केंद्र की चेयरपर्सन प्रो. वंदना झा अपनी बात रखेंगी. संगोष्ठी में दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रो. अर्चना त्रिपाठी, मणिपुर विश्वविद्यालय की प्रो. ई. विजयालक्ष्मी, विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के प्रो. मिथिलेश सिंह, रांची विश्वविद्यालय के पूर्व डीन प्रो. जंग बहादूर पांडेय, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष सह एकेडमिक स्टाफ कॉलेज के निदेशक प्रो. सतीश कुमार राय, बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा के डीन प्रो. दीपक कुमार गुप्ता, पटना विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. तरुण कुमार तथा प्रो. मटुकनाथ चौधरी वक्ता के रूप में शामिल होंगे. कार्यक्रम का आयोजन मां प्रेमा फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है. दो दिवसीय सेमिनार के छह सत्रों में करीब 300 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत किये जायेंगे. इसमें राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के शोधार्थी, पीजी के विद्यार्थी तथा देश के कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों के सहायक प्राध्यापक और शोधार्थी हिस्सा लेंगे. संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों में लोकतांत्रिक व्यवस्था में आम आदमी का जीवन, मध्यवर्गीय जीवन संघर्ष, कृषक एवं मजदूर वर्ग का प्रतिरोध, स्त्री समाज का प्रतिरोध, दलित व आदिवासी समाज का जीवन और प्रतिरोध तथा समकालीन कथा में ग्राम्य जीवन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा. आयोजन समिति की अध्यक्ष एवं जेडी वीमेंस कॉलेज हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. रेखा मिश्र तथा प्राचार्या प्रो. मीरा कुमारी ने बताया कि यह संगोष्ठी समकालीन कथा साहित्य में सामाजिक सरोकारों और प्रतिरोध की परंपरा को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच साबित होगी.
जेडी वीमेंस कॉलेज में 27-28 फरवरी को जुटेंगे देशभर के साहित्यकार
जेडी वीमेंस कॉलेज में 27 और 28 फरवरी को “समकालीन कथा साहित्य में सामाजिक प्रतिरोध” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा.
