पटना. पटना नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारी तेज कर दी है. नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर निगम की ओर से करीब 20 बिंदुओं पर काम शुरू हो रहा है. इसका उद्देश्य शहर को साफ, सुंदर व स्वच्छ बनाना है. मालूम हो कि स्वच्छता सर्वेक्षण की टूलकिट में कचरा सेग्रिगेशन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्वच्छता सुविधाओं तक लोगों की पहुंच, जल प्रबंधन, स्वच्छता अभियान, सफाई कर्मियों को मिलने वाली सुविधाएं, नागरिकों की प्रतिक्रिया और शिकायत निवारण जैसे बिंदु शामिल हैं. इस बार सर्वेक्षण के दौरान सिर्फ सड़कों की सफाई नहीं, बल्कि स्कूल परिसर, पर्यटन स्थल और अन्य सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता भी देखी जायेगी. यदि इन स्थानों पर गंदगी मिली, तो नगर निगम को कम अंक मिल सकते हैं.
छह स्लम एरिया को किया गया चिह्नित :
निगम की ओर से खाली प्लॉटों में बिखरे मलबे और वर्षों से खड़े पुराने वाहनों को हटाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है. साथ ही, सीएंड वेस्ट को भी सड़क या खुले जगहों में फेंकने पर जुर्माना लगाया जा रहा है.जमीनी स्तर पर साफ सफाई दिखानी होगी
स्वच्छता सर्वे के फील्ड असेस्मेंट में बेहतर अंक पाने के लिए निगम को जमीनी स्तर पर साफ-सफाई दिखानी होती है. नालों व स्टॉर्म वॉटर ड्रेन की नियमित उड़ाही, कचरा सेग्रिगेशन, बैक लेन की सफाई, स्लम एरिया में स्वच्छता, ट्रांसपोर्ट हब और सार्वजनिक स्थलों पर साफ शौचालय, शिकायतों का त्वरित निवारण और नागरिकों की सकारात्मक फीडबैक से मार्किंग बेहतर होती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
