Patna News : दानापुर व्यवहार न्यायालय के जिला अपर एवं सत्र न्यायाधीश-1 कुमार गुंजन ने शुक्रवार को पति की हत्या के मामले में आरोपी पत्नी अनिशा देवी और उसके प्रेमी पप्पू कुमार को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनायी. अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया. वहीं साक्ष्य के अभाव में मामले के दो अन्य आरोपित उमेर यादव और भीम यादव को रिहा कर दिया गया.
साक्ष्य के अभाव में दो को रिहा किया
प्रभारी अपर लोक अभियोजक रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि नौबतपुर थाना कांड संख्या 346/14 एवं सेशन ट्रायल संख्या 755/17 में नौबतपुर के रेगनिया बाग निवासी चंदन कुमार की हत्या का आरोप उनकी पत्नी अनिशा देवी, पप्पू कुमार, उमेर यादव और भीम यादव पर लगाया गया था.
पत्नी के प्रेम संबंध का विरोध करता था चंदन
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, चंदन कुमार की शादी वर्ष 2008 में दुल्हिन बाजार के सिंघाड़ कोपा निवासी उमेर यादव की पुत्री अनिशा देवी के साथ हुई थी. शादी के बाद दोनों के बीच संबंध मधुर नहीं थे. इसी दौरान अनिशा देवी का अवगिला, नौबतपुर निवासी पप्पू कुमार के साथ प्रेम संबंध होने की बात सामने आयी. आरोप था कि चंदन ने अपनी पत्नी को पप्पू कुमार के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था और इसकी जानकारी अपने पिता सुदर्शन प्रसाद को दी थी. चंदन द्वारा इसका विरोध करने पर उसके साथ मारपीट किये जाने का भी आरोप लगाया गया था.
समझौते के अगले दिन हुई हत्या
प्रभारी एपीपी ने बताया कि 13 जुलाई 2014 को मामले को लेकर समझौता हुआ था. इसके अगले दिन 14 जुलाई 2014 को अनिशा देवी ने अपने प्रेमी पप्पू कुमार समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर चंदन के साथ मारपीट की और उसकी हत्या कर दी. इसके बाद हत्या को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया था. कमरे में बाहर से ताला लगा दिया गया था. मृतक के पिता सुदर्शन प्रसाद ने नौबतपुर थाने में अपनी बहू अनिशा देवी, पप्पू कुमार, उमेर यादव और भीम यादव के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था.
साक्ष्य के आधार पर फैसला
मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने अनिशा देवी और पप्पू कुमार को हत्या का दोषी करार दिया. दोनों को आजीवन सश्रम कारावास के साथ 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी गयी. वहीं पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उमेर यादव और भीम यादव को रिहा कर दिया गया.
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