Water Metro In Bihar: पटना में अप्रैल महीने से वाटर मेट्रो की शुरुआत हो जाएगी. कोच्चि के बाद पटना देश का ऐसा दूसरा शहर होगा, जहां वाटर मेट्रो चलाई जाएगी. वाटर मेट्रो को चलाने की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को दी गई है. यह इलेक्ट्रिक से चलेगी. दीघा से लेकर कंगनघाट तक इसे चलाया जाएगा. ऐसे में दीघा, गांधी घाट और कंगनघाट पर चार्जिंग स्टेशन बनाने का टेंडर निकाला गया है.
कितना लगेगा किराया?
वाटर मेट्रो के भाड़े की बात करें तो, न्यूनतम किराया 50 रुपए और अधिकतम किराया 100 रुपए होगा. लोग टिकट की बुकिंग बिहार टूरिज्म के ऑफिशियल वेबसाइट से कर सकेंगे. इसके अलावा जल्द ही एक एप भी लॉन्च किया जाएगा. सुबह के 10 बजे से रात के 8 बजे तक वाटर मेट्रो चलाई जाएगी. संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही वाटर मेट्रो को सोनपुर तक भी चलाया जाएगा.
वाटर मेट्रो प्रोजेक्ट की कितनी है लागत?
जानकारी के मुताबिक, वाटर मेट्रो पर 100 लोग सवार हो सकते हैं. साथ ही रूट को लेकर बताया गया कि, दीघा से कंगनघाट के बीच चलेगी. गांधी घाट और गाय घाट पर इसका स्टॉपेज भी होगा. पटना वाटर मेट्रो प्रोजेक्ट की कीमत लगभग 908 करोड़ रुपए बताई जा रही है. एक बोट की कीमत लगभग 12 करोड़ रुपए है.
क्या है पूरी योजना?
वाटर मेट्रो को लेकर बेहद खास योजना तैयार की गई है. यह सिर्फ पटना में नहीं बल्कि दूसरे जिलों से भी कनेक्ट होगा. जैसे कि सोनपुर और वैशाली को भी नदी के रास्ते जोड़ेगी. कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड के साथ वाटर मेट्रो को लेकर काम किया जा रहा है. बोट का नाम MV-Gomadharkonwar है.
वाटर मेट्रो के चलने से फायदा
वाटर मेट्रो के चलने से बिहार में पॉल्यूशन कंट्रोल हो सकेगा. जल परिवहन के साथ-साथ नदी टूरिज्म को भी बढ़ावा मिल सकेगा. बिहार में गंगा नदी 12 जिलों से होकर गुजरती है. गंडक 7 और बूढ़ी गंडक 5 जिलों से गुजरती है. ऐसे में नदी के रास्ते जिलों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ सकेगी. लोगों के लिए आने-जाने और माल ढुलाई के लिए भी एक बेहतर ऑप्शन मिल सकेगा.
Also Read: कोसी नदी पर 25 करोड़ का पीपा पुल तैयार, 70 किमी की दूरी अब मात्र 25 किमी, लाखों लोगों को बड़ी राहत
