नोटबंदी और देशबंदी से भी घातक होगी वोटबंदी: राजेश राम

देश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि नोटबंदी और देशबंदी से भी घातक बन गया है भाजपा के इशारे पर चल रही एक सुनियोजित वोटबंदी की साजिश.

चुनाव आयोग नागरिकता देने की संस्था नहीं: अभय दुबे संवाददाता, पटना बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि नोटबंदी और देशबंदी से भी घातक बन गया है भाजपा के इशारे पर चल रही एक सुनियोजित वोटबंदी की साजिश. मंगलवार को सदाकत आश्रम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राजेश राम ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा दावा किया जा रहा है कि 36.47 प्रतिशत मतदाताओं के पुनरीक्षण का कार्य पूर्ण हो चुका है. जबकि ऑनलाइन केवल 11 प्रतिशत आंकड़े ही अपलोड हुए हैं. उन्होंने इसे आंकड़ों में भारी विसंगति बताते हुए आरोप लगाया कि आयोग जानबूझकर भ्रम फैला रहा है ताकि नो जुलाई को प्रस्तावित कांग्रेस के बंद को कमजोर किया जा सके. राजेश राम ने कहा कि बीएलओ द्वारा अब तक कई स्थानों पर फॉर्म मतदाताओं तक नहीं पहुंचे हैं. यह दिखाता है कि पूरी प्रक्रिया एकतरफा, भ्रामक और पूर्वाग्रह से ग्रसित है. कांग्रेस विधायक दल के नेता डॉ शकील अहमद खान ने भी आयोग की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तेजी से मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जा रहा है वह इस बात का प्रमाण है कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारों पर काम कर रहा है. चुनाव आयोग नागरिकता देने की संस्था नहीं : अभय दुबे एआईसीसी के बिहार नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर अभय दुबे ने स्पष्ट कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका केवल मतदाता सूची को अद्यतन करने तक सीमित है न कि नागरिकता तय करने की. उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के 2002 के संसद में दिए बयान का हवाला देते हुए कहा कि ””””””””स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन”””””””” केवल उन लोगों के लिए होती है जो मृत हैं या घर छोड़कर जा चुके हैं. उन्होंने बताया कि आयोग ने अक्टूबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच हुए समरी रिवीजन में करीब 12 लाख नये मतदाता जोड़े और चार लाख नाम हटाये जिसके बाद कुल मतदाताओं की संख्या 7.80 करोड़ हो गयी थी. इसके बावजूद पुनरीक्षण प्रक्रिया दोबारा चालू कर देना कई सवाल खड़े करता है. अभय दुबे ने यह भी बताया कि नये मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म 6 में आधार कार्ड को मान्य किया गया था और दस्तावेज न होने की स्थिति में स्थानीय सरपंच या वार्ड सदस्य की पहचान भी वैध मानी जाती थी. इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के कई नेता जिसमें विधानपरिषद में पार्टी के नेता डा मदन मोहन झा, राष्ट्रीय सचिव सह प्रभारी सुशील पासी, नेशनल मीडिया पैनलिस्ट प्रेमचंद मिश्रा, कोषाध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, विधायक प्रतिमा कुमारी दास, महिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ शरवत जहां फातिमा, प्रवक्ता डॉ स्नेहाशीष वर्धन पांडेय , शिशिर कौंडिल्य, सोशल मीडिया चेयरमैन सौरभ सिंहा, असित नाथ तिवारी और ज्ञान रंजन सहित कई अन्य नेता उपस्थित थे.

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Published by: Durgesh kumar

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