Vegetable Price: लहसुन की कीमतों में लगी आग, महंगाई की मार से लोग परेशान, जानें भाव

Vegetable Price: बाजार में लहसुन और प्याज का भाव इतना बढ़ गया है कि लोग इसे खरीदने से पहले कई बार सोच रहे हैं.

Vegetable Price: महंगाई इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि गरीबों की थाली से लहसुन और प्याज दूर होता जा रहा है. लहसुन के दाम में अचानक हुई वृद्धि के बाद बाजार में लोग लहसुन की बहुत कम खरीदारी कर रहें हैं. प्याज के दाम में भी अचानक बढ़ोतरी होने की वजह से लोग जरूरत के हिसाब से ही प्याज की खरीदारी करने लगे हैं. बिहार में कार्तिक महीने में बहुत सारे लोग प्याज- लहसुन खाने से परहेज करते हैं. कार्तिक महीना समाप्त होते ही जब लोग लहसुन- प्याज खरीदने बाजार गए तो लहसुन के दाम सुनकर उनके होश उड़ गए.

क्या है लहसुन का भाव

लहसुन के दाम में हुए इजाफा का अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते हैं कि अभी बाजार में यह 400 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. इस वजह से लोग चाह कर भी प्रचुर मात्रा में इसकी खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं. ज्यादातर लोग 50 से 100 ग्राम लेकर ही संतोष कर रहे हैं. इसके अलावा प्याज के दामों में भी काफी इजाफा हुआ है. पटना में प्याज़ अब 70 रूपये प्रति किलो बिक रहा है.

दुकानदार भी परेशान

लहसुन के बढ़ते दाम पर दुकानदारों का कहना है कि दाम इतना बढ़ गया है कि अब इसे दुकान पर भी रखना मुश्किल हो गया है. बहुत कम लोग लहसुन की खरीदारी करने के लिए आ रहे हैं. खराब होने की डर से दुकान पर लहसुन नहीं रख रहे हैं. वहीं, लोगों का कहना है कि पहली बार लहसुन का दाम 400 रुपये प्रति किलो हुआ है. अचानक इतना दाम बढ़ गया है कि अब खरीदना मुश्किल हो गया है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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