Bihar News: बिहार के सुपौल जिले के वीरपुर को विमानन प्रशिक्षण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है. बिहार सरकार और भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन एयरो क्लब ऑफ इंडिया (ACI) के बीच अहम समझौता (MoU) हुआ है. इसका उद्देश्य बिहार को देश का ‘फ्लाइंग ट्रेनिंग हब’ बनाना है.
निरीक्षण के लिए पहुंची विशेषज्ञों की टीम
इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए एयरो क्लब ऑफ इंडिया की 6 सदस्यीय टीम वीरपुर हवाई अड्डे का निरीक्षण करने पहुंची. टीम में महासचिव अरविंद बडोनी समेत विमानन और एयर स्पोर्ट्स से जुड़े कई विशेषज्ञ शामिल थे. टीम ने एयरपोर्ट की स्थिति, संभावनाओं और विकास की दिशा में जरूरी पहलुओं का जायजा लिया.
कोटा की तर्ज पर बनेगा ट्रेनिंग सेंटर
एसीआई के महासचिव अरविंद बडोनी ने बताया कि योजना के तहत बिहार को विमानन प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा, ठीक उसी तरह जैसे इंजीनियरिंग कोचिंग के लिए कोटा देशभर में प्रसिद्ध है. इस पहल से न सिर्फ देशभर के छात्र और प्रशिक्षु बिहार आएंगे, बल्कि निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ेगी.
एडवेंचर स्पोर्ट्स और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना के तहत सिर्फ पायलट ट्रेनिंग ही नहीं, बल्कि कई एयर स्पोर्ट्स और एडवेंचर गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा. इनमें पावर्ड फ्लाइंग, ग्लाइडिंग, बैलूनिंग, स्काईडाइविंग, पैराग्लाइडिंग और पैरासेलिंग जैसे खेल शामिल हैं. इससे पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.
1927 में हुई थी एसीआई की स्थापना
एयरो क्लब ऑफ इंडिया की स्थापना 1927 में ‘रॉयल एयरो क्लब ऑफ इंडिया एंड बर्मा’ के रूप में हुई थी. यह देश का एक प्रमुख विमानन संस्थान है, जो प्रशिक्षण, पायलट सर्टिफिकेशन और एयर स्पोर्ट्स के विकास में अहम भूमिका निभाता है.
‘नेशनल एयर स्पोर्ट्स कंट्रोल’ की जिम्मेदारी
राष्ट्रीय हवाई खेल दिशा निर्देश 2023 के तहत एसीआई को ‘नेशनल एयर स्पोर्ट्स कंट्रोल ऑफ इंडिया’ का दर्जा मिला है. यह संस्था देश में एयर स्पोर्ट्स के संचालन, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी सुनिश्चित करती है.
सीमावर्ती इलाके को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों के अनुसार, वीरपुर एयरपोर्ट के विकसित होने से इंडो-नेपाल बॉर्डर क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलेगा. पास के नेपाल के विराटनगर में पहले से अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आते हैं. ऐसे में वीरपुर भी पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों का केंद्र बन सकता है.
विकास और रोजगार के नए अवसर
इस पहल से बिहार में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और राज्य को विमानन क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी. स्थानीय प्रशासन भी इस योजना को लेकर उत्साहित है और इसे तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है.
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