फाइनांस कंपनी के मैनेजर को गोली मार 10 लाख लूट मामले में दो अपराधी गिरफ्तार

रामकृष्णानगर थाने के जीरो माइल के समीप स्थित यूनियन बैंक के सामने 7 नवंबर को दिनदहाड़े फाइनांस कंपनी भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड के मैनेजर अभिषेक कुमार को गोली मार कर 10 लाख रुपये लूट मामले में शामिल दो अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

संवाददाता, पटना

रामकृष्णानगर थाने के जीरो माइल के समीप स्थित यूनियन बैंक के सामने 7 नवंबर को दिनदहाड़े फाइनांस कंपनी भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड के मैनेजर अभिषेक कुमार को गोली मार कर 10 लाख रुपये लूट मामले में शामिल दो अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इन दोनों को वैशाली जिले के टाउन थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पकड़ा गया. इन लोगों के पास से दो मोबाइल फोन, लूट का एक बैग और फाइनांस कंपनी के कागजात बरामद किये गये हैं. गिरफ्तार बदमाशों में जितेंद्र राय उर्फ जीतन उर्फ सावन और विक्की कुमार शामिल हैं. जितेंद्र राय मूल रूप से वैशाली के टाउन थाने के सुभाष चौक का रहने वाला है. जबकि विक्की वैशाली के टाउन थाने के महमोदीचक का निवासी है. इस घटना को अंजाम देने में शामिल वैशाली का विशाल कुमार फिलहाल फरार है. उसे पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है. विशाल ही पूरे घटना का मास्टरमाइंड है.

जितेंद्र चला रहा था बाइक और विशाल हथियार लेकर बैठा था पीछे

जिस समय मैनेजर अभिषेक कुमार को गोली मार कर लूट की घटना को अंजाम दिया गया, उस समय जितेंद्र उर्फ जीतन बाइक चला रहा था और विशाल पीछे बैठा हुआ था. जबकि विक्की लाइनर की भूमिका में था. विशाल ने ही लूट की सारी योजना बनायी थी और जितेंद्र को अपने साथ ले आया था. जबकि विक्की वहां मैनेजर अभिषेक व उसके सहयोगी सुनील कुमार के आने का इंतजार कर रहा था. उन दोनों के आते ही विशाल ने उससे रुपयों से भरा बैग छीनने की कोशिश की. लेकिन अभिषेक कुमार ने बैग छीनने का विरोध किया और इसी दौरान विशाल ने पिस्टल निकाल कर फायरिंग कर दी. गोली अभिषेक के दायें हाथ में लगी. इसके बाद विशाल ने रुपयों से भरा बैग छीन लिया और वैशाली की ओर भाग गये. विक्की भी जीरो माइल से ऑटो पकड़ कर जितेंद्र के घर पर पहुंचा. इसके बाद रुपयों का बंटवारा कर लिया.

सदर डीएसपी टू के नेतृत्व में टीम ने मामले का किया खुलासा

घटना के बाद सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार के निर्देश पर सदर डीएसपी टू रंजन कुमार के नेतृत्व में रामकृष्णानगर थाने की पुलिस ने जांच शुरू कर दी. इस दौरान बैंक से लेकर जीरो माइल, महात्मा गांधी सेतू व न्यू बाइपास के तमाम सीसीटीवी कैमरे को खंगाला गया. इस दौरान पुलिस को यह जानकारी मिल गयी कि लूट करने के बाद सभी महात्मा गांधी सेतू से हाजीपुर की ओर भागे हैं. पटना पुलिस ने वैशाली पुलिस से संपर्क किया और जितेंद्र का फोटो शेयर किया. जितेंद्र पहले भी लूट के मामले में जेल जा चुका है. इसके बाद उसकी पहचान कर ली गयी और उसके वैशाली के टाउन थाने के सुभाष चौक स्थित घर पर पहुंच गयी. इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया तो उसने लाइनर विक्की का नाम बताया. पुलिस ने विक्की को भी पकड़ा.साथ ही विशाल को पकड़ने के लिए छापेमारी की गयी लेकिन वह फरार है. डीएसपी टू रंजन कुमार ने बताया कि विशाल के पकड़े जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो पायेगा कि पैसा जमा करने की जानकारी उसे किसने दी थी. उसे पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है. जितेंद्र व विशाल ने मिल कर लूट की घटना को अंजाम दिया था और विक्की लाइनर की भूमिका में था. हथियार विशाल के पास है.

सहयोगी के साथ पैसा जमा करने पहुंचे थे मैनेजर

7 नवंबर को फाइनांस कंपनी के मैनेजर अभिषेक कुमार अपने सहयोगी के साथ गायघाट स्थित ऑफिस से जीरो माइल के समीप स्थित यूनियन बैंक में 10 लाख रुपया जमा कराने के लिए पहुंचे थे. इस दौरान ही लूट की घटना हुई थी.

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Published by: Kumar prabhat

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