आठ साल बाद खुला हत्याकांड का राज, मृत मान लिया गया 10 वर्षीय युवक असम में जिंदा मिला

पटना के फतुहा में 8 साल पहले दर्ज एक बहुचर्चित अपहरण और हत्या के मामले में हैरतअंगेज खुलासा हुआ है। जिस 10 वर्षीय बच्चे को मृत मान लिया गया था, वह जीवित पाया गया है और असम में मजदूरी कर रहा था। यह घटना पुलिस और आम जनता के लिए एक बड़ा आश्चर्य लेकर आई है।

Patna News : पटना के फतुहा थाना में वर्ष 2018 में दर्ज बहुचर्चित अपहरण एवं हत्या कांड का आठ साल बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जिस 10 वर्षीय बालक के अपहरण के बाद हत्या कर दिए जाने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया गया था, वह बालक जीवित मिला है और असम में मजदूरी कर रहा था. इस खुलासे ने पुलिस के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया है.

2018 में दर्ज हुआ था हत्या का मामला

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में नालंदा जिले के रहुई थाना क्षेत्र के ईंडवास गांव निवासी राकेश मांझी ने अपने 10 वर्षीय भतीजे कृष्णा मांझी उर्फ किस्मत मांझी, पिता शिवजी मांझी, के लापता होने के बाद फतुहा थाना में कांड संख्या 183/2018 दर्ज कराया था. प्राथमिकी में फतुहा थाना क्षेत्र के नायक रोड के पास मुरेड़ा से पूरब स्थित ईंट-भट्ठा मालिक महेश सिंह पर बच्चे को गायब कर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया गया था. हालांकि, आठ वर्षों तक मामले में कोई ठोस सुराग नहीं मिला.

पुराने केस की समीक्षा में सामने आई सच्चाई

फतुहा थानाध्यक्ष श्रीमंत कुमार सुमन द्वारा लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान इस कांड की दोबारा जांच शुरू की गई. जांच के क्रम में पुलिस ने नालंदा जिले के रहुई पंचायत के मुखिया से संपर्क किया. पूछताछ में मुखिया ने बताया कि कृष्णा मांझी जीवित है और असम में मजदूरी करता है. संयोग से वह इन दिनों अपने गांव भी आया हुआ था.

गांव से बरामद कर कोर्ट में किया पेश

सूचना मिलते ही फतुहा पुलिस की टीम ईंडवास गांव पहुंची और कृष्णा मांझी को अपने साथ फतुहा थाना लेकर आई. इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे पटना सिटी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां उसकी पहचान और बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की गई.

जांच की दिशा पूरी तरह बदली

कृष्णा मांझी के जीवित मिलने के बाद आठ वर्ष पुराने इस मामले की जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई है. अब पुलिस न्यायालय में दर्ज बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है.


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By Rajeev Kumar

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मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. दैनिक भास्कर में काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.

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