TRE-4 अभ्यर्थियों से राज्यपाल की 45 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत, PT-Mains और वैकेंसी पर हुई अहम चर्चा

छात्र आंदोलन विडिओ स्टोरी

बिहार में शिक्षक भर्ती और रोजगार के मुद्दे पर अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की. TRE-4 नोटिफिकेशन, रिक्तियों की संख्या और लाइब्रेरियन बहाली जैसे कई अहम मुद्दे उठाए गए.

Bihar Student Protest : बिहार में शिक्षक भर्ती और रोजगार के मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की. पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के साथ पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन से करीब 40 से 45 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत की. इस दौरान BPSC TRE-4 समेत शिक्षक भर्ती, रिक्तियों की संख्या, PT-Mains, लाइब्रेरियन बहाली, B.Ed, BPSC 17वीं, दरोगा भर्ती और BSSC से जुड़े कई मुद्दे राज्यपाल के सामने रखे गये.

TRE-4 में दो साल के इंतजार का मुद्दा राज्यपाल के सामने

अभ्यर्थियों ने राज्यपाल को बताया कि करीब दो साल से बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी TRE-4 के नोटिफिकेशन और भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे. नोटिफिकेशन जारी होने के बाद रिक्तियों की संख्या और परीक्षा पैटर्न को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी है.

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सरकार की ओर से बड़े पैमाने पर रोजगार देने का दावा किया गया था, लेकिन शिक्षक भर्ती में अपेक्षा के अनुरूप रिक्तियां नहीं होने से अभ्यर्थियों में निराशा है.

PT-Mains पर भी हुई लंबी चर्चा

अभ्यर्थियों ने TRE-4 में PT-Mains की व्यवस्था को लेकर भी अपनी आपत्ति राज्यपाल के सामने रखी. उनका कहना था कि अगर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव करना है तो BPSC की पूरी प्रक्रिया और व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए.

अभ्यर्थियों ने हाल में सामने आये परीक्षा में कथित पेपर लीक के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि एकल परीक्षा में PT-Mains लागू करना समाधान नहीं है. उन्होंने शिक्षक भर्ती परीक्षा में शिक्षा और बाल मनोविज्ञान से जुड़े विषयों को शामिल करने का सुझाव भी दिया.

रिक्तियों में कई विषयों के नाम गिनाये

प्रतिनिधिमंडल ने TRE-4 में अलग-अलग विषयों में कम या शून्य रिक्तियों का मुद्दा भी उठाया. कंप्यूटर साइंस, संगीत, अरबी, फारसी, भोजपुरी और मैथिली समेत कई विषयों में रिक्तियों को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाये.

अभ्यर्थियों के मुताबिक PRT से PGT तक विभिन्न विषयों की रिक्तियों को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिल सके.

18 साल से लाइब्रेरियन बहाली का इंतजार

लाइब्रेरियन अभ्यर्थियों की समस्या भी राज्यपाल के सामने रखी गयी. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बिहार में करीब 18 वर्षों से लाइब्रेरियन की नियमित बहाली नहीं हुई है.

अभ्यर्थियों के अनुसार राज्यपाल की ओर से बताया गया कि लाइब्रेरियन की बहाली को लेकर विचार चल रहा है और जल्द ही इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है.

B.Ed और दूसरी भर्तियों पर भी मिला आश्वासन

प्रतिनिधिमंडल ने B.Ed से जुड़े आयोजन और भर्ती प्रक्रिया का मुद्दा भी उठाया. इस पर जल्द प्रक्रिया होने की बात कही गयी. इसके अलावा BPSC 17वीं और 1799 दरोगा भर्ती से जुड़े मामलों में जांच की मांग भी रखी गयी.

अभ्यर्थियों ने कहा कि जिन परीक्षाओं को लेकर आरोप और विवाद सामने आये हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

BSSC पोर्टल को लेकर भी जतायी नाराजगी

BSSC की अलग-अलग भर्तियों के लिए बार-बार पोर्टल खोले जाने का मुद्दा भी उठाया गया. अभ्यर्थियों ने कहा कि इंटर स्तरीय परीक्षा से लेकर CGL तक बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करते हैं और बार-बार आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से छात्रों पर आर्थिक बोझ पड़ता है.

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार राज्यपाल ने भी माना कि इस व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है और इस विषय पर आगे विचार किया जायेगा.

राज्यपाल ने कहा- बड़े अधिकारियों के सामने रखेंगे अभ्यर्थियों की बात

प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि BPSC के चेयरमैन समेत संबंधित बड़े अधिकारियों को बुलाकर अभ्यर्थियों की समस्याओं से अवगत कराया जा सकता है. अभ्यर्थियों की ओर से रखे गये सुझावों और मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने की बात भी कही गयी.

अभ्यर्थियों का कहना है कि मुलाकात के दौरान करीब 17 बिंदुओं पर चर्चा हुई और आश्वासन के स्तर पर वे काफी हद तक संतुष्ट हैं, लेकिन अब उनकी नजर लिखित और आधिकारिक निर्णय पर है.

"वेबसाइट पर आदेश आने तक जारी रहेगा आंदोलन"

अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि केवल मौखिक आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा. उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर सरकार या संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक वेबसाइट पर आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में आंदोलन जारी रहेगा.

उन्होंने कहा कि आंदोलन गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा. जरूरत पड़ने पर इसे पूरे बिहार में विस्तार दिया जायेगा.

"मुख्यमंत्री नौकरी देने वाले बनें, लाठी चलाने वाले नहीं"

अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है. हालांकि, अगर विपक्ष का कोई नेता उनके मुद्दे पर समर्थन करता है तो उसका स्वागत किया जायेगा.

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि सरकार अभ्यर्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुने और रोजगार के अवसर बढ़ाये. आंदोलनकारियों ने कहा कि वे चाहते हैं कि मुख्यमंत्री पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरह नौकरी देने वाले मुख्यमंत्री बनें, न कि लाठी चलाने वाले.

अब आश्वासन से आगे लिखित आदेश का इंतजार

गर्दनीबाग समेत बिहार के अलग-अलग जिलों में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राज्यपाल से हुई यह मुलाकात अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. हालांकि, अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि सिर्फ आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा. अब देखना होगा कि राज्यपाल के स्तर से संबंधित विभागों और सरकार तक पहुंचायी गयी मांगों पर क्या कार्रवाई होती है और TRE-4 समेत अन्य भर्तियों को लेकर सरकार अगला कदम कब उठाती है.

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By विवेक सिंह

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