पुल और सड़कों की गुणवत्ता सुधार पर आइआइटी पटना में ट्रेनिंग शुरू
आइआइटी पटना में बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार के अभियंताओं के लिए 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत गुरुवार से शुरू हो गयी.
आइआइटी पटना में आरडब्ल्यूडी अभियंताओं का 12 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, इन्फ्रा इंपैक्ट फेज–II के तहत चल रहा प्रशिक्षण कार्यक्रम संवाददाता, पटना आइआइटी पटना में बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार के अभियंताओं के लिए 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत गुरुवार से शुरू हो गयी. ‘इन्फ्रा इंपैक्ट: ब्रिज और पेवमेंट डिजाइन (फेज–II)’ शीर्षक से आयोजित यह कार्यक्रम ग्रामीण बिहार में पुलों और सड़कों की गुणवत्ता, सुरक्षा और दीर्घायु बढ़ाने पर केंद्रित है. उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए आइआइटी पटना के निदेशक प्रो टीएन सिंह ने कहा कि सीखने की क्षमता स्वयं एक कौशल है और सीखने की इच्छा व्यक्ति की सोच से जन्म लेती है. उन्होंने कहा कि सिविल अभियंता समाज के विकास की रीढ़ होते हैं और उनकी तकनीकी दक्षता का सीधा असर जन-सुरक्षा और आर्थिक प्रगति पर पड़ता है. यह प्रशिक्षण राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित, टिकाऊ और मानक अनुरूप सड़क-पुल निर्माण को गति देगा. कार्यक्रम में ग्रामीण कार्य विभाग के लगभग 60 अभियंता भाग ले रहे हैं. तकनीकी सत्रों में एनआइटी पटना के प्रो रमाकर झा सहित आइआइटी पटना के डॉ सुब्रत हैत, डॉ वैभव सिंघल, डॉ नितिन कुमार, डॉ अरविंद कुमार झा और डॉ अर्पित जैन ने विशेषज्ञ व्याख्यान दिये. सभी वक्ताओं ने ग्रामीण अवसंरचना को मजबूती देने, डिज़ाइन की त्रुटियों को कम करने और दीर्घकालिक रखरखाव रणनीतियों पर जोर दिया.
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