अब दानापुर मंडल में आम ट्रेनें न हो लेट, रेलवे तैयार कर रहा वीआइपी ट्रेनों का नया टाइम टेबल

Patna News: 130 से 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों को पांच से दस मिनट के अंतराल में ही चलाया जायेगा. जबकि 110 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों को इनके बाद चलाया जाएगा. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

पटना से आनंद तिवारी की रिपोर्ट
Patna News: दानापुर मंडल में आम व लोकल ट्रेनें लेट न हो इसको लेकर अब नया शेड्यूल तैयार किया जा रहा है. इसके लिए पटना जंक्शन से होकर चलने वाली वंदेभारत, नमो भारत, दुरंतों, संपूर्णक्रांति, तेजस राजधानी समेत अन्य वीआईपी ट्रेनों के लिए रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देश पर नया प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है.

नई समय-सारणी लागू होने से मिलेगी सुविधा

इस प्रस्तावित व्यवस्था के तहत वीआईपी ट्रेनों को पांच से दस मिनट के अंतराल में संचालित किया जायेगा, जिससे अन्य ट्रेनों के संचालन पर कम प्रभाव पड़ेगा. जबकि वर्तमान में दानापुर मंडल खासकर दिल्ली-हावड़ा रूट पर हर तीसरी मेल और एक्सप्रेस ट्रेन औसतन 45 मिनट से एक घंटे की देरी से चल रही है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. रेलवे का मानना है कि नई समय-सारिणी लागू होने से ट्रेनों की समयपालन क्षमता में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी.

लूप लाइन पर नहीं रुकेंगी लोकल ट्रेनें, दानापुर मंडल से मांगी सूची

जानकारों के अनुसार रेलवे लोकल व वीआइपी दोनों श्रेणियों की ट्रेनों का समय को व्यवस्थित करने में लगा है, ताकि वे एक-दूसरे के रास्ते में बाधा न बनें. इसके लिए दानापुर मंडल से सभी वीआइपी ट्रेनों की सूची व समय सारिणी मांगी गई है. अभी तक वीआइपी ट्रेनों को निकालने के लिए आम ट्रेनों को लूप लाइन पर रोक दिया जाता है. ऐसे में समय पर चल रही सामान्य ट्रेनें अपने गंतव्य तक पहुंचते-पहुंचते लेट हो जाती हैं.

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस व्यवस्था के लागू होने के बाद सामान्य ट्रेनों के लेट होने का समय भी 2 से 3 घंटे की बजाय महज 10 मिनट ही रह जायेगा. नयी समय सारिणी पर चल रहा काम, तेज रफ्तार वाली ट्रेनों को शामिल किया गया.

130 से 160 किमी प्रतिघंटा से चलने वाली ट्रेन पांच से दस मिनट के अंतराल पर चलेगी

इस व्यवस्था को लागू करने के लिए रेलवे नई समय सारिणी बना रहा है. नई समय सारिणी में रेलवे तय कर रहा है कि 130 से 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों को पांच से दस मिनट के अंतराल में ही चलाया जायेगा. जबकि 110 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों को इनके बाद चलाया जाएगा. दोनों की गति में फर्क होने की वजह से ये ट्रेनें आगे और पीछे चलेंगी.

इससे किसी अन्य ट्रेन को लूप में खड़ा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. रेलवे ने ट्रेनों को समय पर पहुंचाने का लक्ष्य 95 प्रतिशत तय किया है. अभी यह प्रतिशत 82 के आसपास है.

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Published by: Rajeev Kumar

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