खुसरूपुर और फतुहा के किसानों की हजारों एकड़ भूमि जलमग्न

दनियावां, फतुहा और खुसरूपुर प्रखंड के दर्जनों गांव में हजारों एकड़ भूमि में लगी धान की खेती पानी में डूब गयी.

प्रतिनिधि, दनियावां

दनियावां, फतुहा और खुसरूपुर प्रखंड के दर्जनों गांव में हजारों एकड़ भूमि में लगी धान की खेती पानी में डूब गयी. किसानों का आरोप है कि पथ निर्माण विभाग के जेइ और एग्जीक्यूटिव की लापरवाही से ऐसा हुआ है. बताया जाता है कि महत्माइन नदी की शाखा कठौतिया नदी में जलस्तर बढ़ने से ये परेशानी हुई है. साथ ही पिछले एक सप्ताह से दो बार नदी का पानी बढ़ने से रवि की फसल भी समय पर नहीं लगी है. दनियावां, खुसरूपुर और फतुहा पंचायत के चौड़ा, निर्मलिचक, शिवचक, बलवा, गौरीपुंदाह के किसानों ने बताया कि दस साल पूर्व खुसरूपुर नगरनौसा ग्रामीण पथ का निर्माण हुआ था. उस समय किसानों ने कोहामा गांव के उत्तर सड़क में कठौतिया नदी के पानी की निकासी के लिए पूर्व में बने पुल को बड़ा कर देने की बात कही गयी थी जो पानी मालपुर के नौनियाई नदी में दो किमी जाकर गिरता था. पर पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने किसानों की बात नहीं मानी और बिना पुल दिये कोहामा से उत्तर खंदा में और इस्माइलपुर के सामने कोहामा और नेटार के अलंग के पास पानी की निकासी की जगह पुल नहीं दिया, जिससे इन तीन प्रखंडों के किसानों को बाढ़ के पानी का सामना करना पड़ रहा है. जिससे धान के साथ साथ अब रवि की फसल भी नहीं होने का भय सता रहा है. किसानों ने पथ निर्माण विभाग, जलसंसाधन विभाग और सिंचाई विभाग में भी आवेदन देकर इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है. समस्या का समाधान नहीं होने पर इन गांवों के लोग विधानसभा के चुनाव में वोट का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है.

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Author: MAHESH KUMAR

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