शहरों की संख्या फिर बढ़ेगी, जिलों से मांगा गया प्रस्ताव

राज्य में अब और अधिक बाजार और कस्बे शहरी पहचान पाने जा रहे हैं. नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में नये नगर निकाय गठित करने, पुराने निकायों का दर्जा बढ़ाने और उनके क्षेत्र का विस्तार करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.

बाजार और कस्बों के तेजी से बढ़ते दायरे को देखते हुए निकाय विस्तार की कवायद तेज संवाददाता, पटना राज्य में अब और अधिक बाजार और कस्बे शहरी पहचान पाने जा रहे हैं. नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में नये नगर निकाय गठित करने, पुराने निकायों का दर्जा बढ़ाने और उनके क्षेत्र का विस्तार करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. विभाग ने जिलों से प्रस्ताव मांगा है कि किन-किन इलाकों में नये नगर निकाय बनाये जा सकते हैं और किन मौजूदा निकायों को नगर परिषद या नगर निगम में बदला जा सकता है. विभाग का कहना है कि राज्य में कई कस्बे तेजी से विकसित हुए हैं और अब नगर निकाय की पात्रता पूरी करते हैं. ऐसे क्षेत्रों को नगर निकायों में शामिल कर उन्हें शहरी सुविधाओं से जोड़ा जायेगा. विभाग ने इस बाबत एक निर्धारित प्रारूप भी जिलों को भेजा है, जिसमें प्रस्तावित निकाय की कुल जनसंख्या, कृषि कर्मियों की संख्या, कर्मियों की उपलब्धता, क्षेत्रफल, जनसंख्या घनत्व, भौगोलिक सीमा और संबंधित थाने की जानकारी के साथ नक्शा अनिवार्य किया गया है. नगर निकाय बनने के बाद इन इलाकों को सड़क, जलापूर्ति, कूड़ा प्रबंधन, बिजली और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी. साथ ही मास्टर प्लान के जरिए इनका सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जायेगा. विदित हो कि 2020 में सरकार ने एक साथ 121 नये नगर निकाय बनाये थे. फिलहाल बिहार में कुल 263 नगर निकाय कार्यरत हैं. अब इनकी संख्या में और बढ़ोतरी की तैयारी है.

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By RAKESH RANJAN

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