Patna News : (हिमांशु देव) पटना नगर निगम में सशक्त स्थायी समिति के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं. चुनाव कल होना है, लेकिन उससे पहले पिछले पांच-छह दिनों से पार्षदों के बीच लगातार गोपनीय बैठकों का दौर जारी है. गुरुवार देर रात तक भी कई स्तरों पर बैठकें चलती रहीं. जानकारी के मुताबिक करीब 60 से अधिक पार्षद मेयर सीता साहू के पक्ष में बताए जा रहे हैं, जबकि विपक्षी खेमे में 10 से 15 पार्षद सक्रिय हैं. हालांकि विपक्ष की ओर से अब तक किसी बड़े चेहरे के चुनाव लड़ने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
जानकारी के मुताबिक, विपक्ष के एक-दो पार्षद चुनाव लड़ने की इच्छा जता रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी ने खुलकर सामने आने का फैसला नहीं किया है. वहीं वर्तमान सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों ने साफ संकेत दिया है कि मेयर जो निर्णय लेंगी, उसी के अनुसार वे आगे की रणनीति तय करेंगे. हालांकि, शुक्रवार यानी आज देर शाम तक मेयर सीता साहू पार्षदों के साथ बैठक कर चुनाव को लेकर अंतिम रणनीति तय कर सकती हैं. इसी बैठक में उनके खेमे से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नाम भी तय होने की संभावना है.
विपक्षी दलों के पार्षदों को भी अपने खेमे लेने की तैयारी तेज
मालूम हो कि मेयर सीता साहू भाजपा से जुड़ी हैं और नगर निगम में बड़ी संख्या में पार्षद भाजपा व जदयू समर्थित माने जाते हैं. वहीं विपक्षी दलों के पार्षदों को भी अपने पक्ष में लाने के लिए लगातार संपर्क और बैठकों का दौर जारी है. इधर गुरुवार को पार्षद मनोज सिन्हा की एनिवर्सरी के मौके पर भी बड़ी संख्या में पार्षद जुटे, जहां चुनावी समीकरणों और रणनीति को लेकर चर्चा हुई.
मेयर पर साधा निशाना, कहा-अब नहीं चुनी जाएगी कठपुतली
सशक्त स्थायी समिति के पूर्व सदस्य व पार्षद इंद्रदीप चंद्रवंशी ने मेयर सीता साहू पर निशाना साधते हुए कहा कि अब मेयर की कठपुतली नहीं चुनी जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पार्षद मेयर के दबाव में काम करते थे और नगर निगम में गलत कामों का समर्थन नहीं करने वालों को परेशान किया जाता था. चंद्रवंशी ने कहा कि नयी व्यवस्था से योग्य और स्वतंत्र लोगों को चुनाव लड़ने और जनता की सेवा करने का मौका मिलेगा. साथ ही उन्होंने नगर निगम में बाहरी हस्तक्षेप और मनमानी का भी आरोप लगाया.
सशक्त स्थायी समिति के पास नगर निगम की सबसे बड़ी ताकत
नगर निगम में सशक्त स्थायी समिति को सबसे अहम इकाई माना जाता है. नगर निगम के प्रशासनिक और वित्तीय फैसलों में इसकी बड़ी भूमिका होती है. नगर आयुक्त और अन्य अधिकारी समिति के मार्गदर्शन में काम करते हैं. शहर के विकास कार्यों, सड़क निर्माण, जलापूर्ति, सफाई और अन्य योजनाओं को मंजूरी देने का अधिकार भी इसी समिति के पास होता है. समिति बजट तैयार करने, खर्च की स्वीकृति देने और आय-व्यय का हिसाब रखने का काम करती है. इसके अलावा विकास योजनाओं से जुड़े टेंडर और अनुबंध पास करने का अंतिम अधिकार भी इसी के पास रहता है. संपत्ति कर, व्यापार लाइसेंस और अन्य शुल्क तय करने में भी समिति की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.
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