बिहार में टेक्सटाइल को मिली नई रफ्तार, लेकिन क्यों नहीं मिला PM MITRA पार्क, मंत्री ने बताई वजह

देश के सात राज्यों को PM MITRA पार्क की सौगात मिलने के बाद सवाल उठ रहे थे की बिहार को यह क्यों नहीं मिला. यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है क्योंकि टेक्सटाइल मिनिस्टर बिहार के सांसद गिरिराज सिंह ही है. वहीं अब टेक्सटाइल राज्य मंत्री ने राज्यसभा में बताया है कि बिहार को PM MITRA पार्क मिलने का कोई प्रस्ताव पेंडिंग नहीं है.

बिहार में कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई योजनाएं चला रही हैं. हाल ही में केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि बिहार को PM MITRA (प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल) पार्क के तहत कोई पार्क आवंटित नहीं किया गया है. उन्होंने यह बात राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह द्वारा पीएम मित्र पार्क और कपड़ा क्षेत्र में विकास पर पूछे गए सवाल के जवाब में कही.

सात राज्यों को मिला PM MITRA पार्क

सांसद के सवाल पर जवाब देते हुए पवित्रा मार्गेरिटा ने बताया कि केंद्र सरकार ने 4445 करोड़ की लागत से देशभर में सात PM MITRA पार्क के लिए तमिलनाडु, तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश का चयन किया है. उन्होंने बताया कि बिहार में टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने के संबंध में कोई भी प्रस्ताव मंत्रालय में पेंडिंग नहीं है. बीते दिनों केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह ने भी कहा था कि राज्यों के चयन के लिए कुछ मानदंड तय किए गए थे, जो राज्य उस पर खड़े उतरे, उन्हें ही पार्क मिला.

उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदम

पवित्रा मार्गेरिटा ने सवाल का जवाब देते हुए यह भी बताया कि सरकार ने टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं. मंत्री ने बताया कि टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन फंड स्कीम (टीयूएफएस) के तहत 7.56 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है. इसके अलावा “समर्थ योजना” के तहत 9,277 लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें से 86% महिलाएं हैं. गांधी शिल्प बाजार और हस्तशिल्प मेगा क्लस्टर जैसी योजनाओं से भी कारीगरों को लाभ मिला है. 2022-23 के दौरान हस्तशिल्प मेगा क्लस्टर स्थापित करने के लिए 29.83 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई, जिससे 9,165 कारीगर लाभान्वित होंगे.

टेक्सटाइल उद्योग में निवेश आकर्षित करने के लिए पटना में बिहार के उद्योग विभाग द्वारा इन्वेस्टर मीट का भी आयोजन किया गया. वहीं, युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए पटना में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) की स्थापना की गई है.

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चलाई जा रही कई योजना

मंत्री ने कहा कि बिहार समेत पूरे देश में कपड़ा और हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. इनमें संशोधित प्रौद्योगिकी उन्नयन निधि योजना (एटीयूएफएस), रेशम समग्र योजना, राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी) और जूट-आईसीएआरई योजना शामिल हैं. सरकार टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश के लिए नीतिगत समर्थन और सब्सिडी जैसी सुविधाएं देती रहेगी.

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Published by: Anand shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.
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