Tejashwi Yadav: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद लंबे समय तक खामोश रहे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर राजद कार्यालय पहुंचे तेजस्वी यादव ने न सिर्फ कार्यकर्ताओं में जोश भरा, बल्कि सत्ता पक्ष और चुनावी प्रक्रिया पर भी तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि चुनाव में भले ही आंकड़े उनके पक्ष में न रहे हों, लेकिन बिहार की जनता का भरोसा आज भी उनके साथ है.
मशीन तंत्र और धन तंत्र की जीत- तेजस्वी
समारोह को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने चुनावी नतीजों को जनता की हार नहीं, बल्कि सिस्टम की चाल बताया. उन्होंने कहा, “इस चुनाव में लोक हारा है और तंत्र जीता है.” तेजस्वी ने आरोप लगाया कि आज के दौर में जनतंत्र को मशीन तंत्र और धन तंत्र में तब्दील कर दिया गया है.
भितरघात करने वालों पर निशाना
तेजस्वी ने आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि पूरा सिस्टम, मीडिया और मशीनरी हमारे खिलाफ लड़ रही थी. फिर भी 1 करोड़ 90 लाख लोगों ने राजद गठबंधन को वोट दिया. उन्होंने दावा किया कि बिहार की 60 फीसदी जनता ने मौजूदा सरकार के खिलाफ मतदान किया है. इसका मतलब है कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती थी.
इसी दौरान उन्होंने पार्टी के अंदरूनी कलह पर भी संकेत दिया. भाई वीरेंद्र जैसे नेताओं की बयानबाजी के बीच तेजस्वी ने स्वीकार किया कि पार्टी के भीतर भी कुछ ऐसे लोग हैं जो इधर-उधर करते हैं. यह बयान उन नेताओं के लिए सीधी चेतावनी माना जा रहा है जो हार के बाद संगठन पर सवाल उठा रहे हैं.
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जारी रहेगा संघर्ष- RJD नेता
कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमारा संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने कहा, “जब कर्पूरी ठाकुर नहीं झुके, लालू प्रसाद नहीं झुके, तो तेजस्वी भी कभी नहीं झुकेगा.” उन्होंने सरकार को 100 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि वे अभी चुप हैं क्योंकि वे चाहते हैं कि सरकार महिलाओं को पैसे और युवाओं को नौकरी देने का अपना वादा पूरा करे.
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