Patna News : बिहार में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से राजभवन मार्च निकाला गया. इनकम टैक्स चौराहे पर पुलिस ने तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया. बाद में कुछ नेताओं को राजभवन जाने की अनुमति दी गई. तेजस्वी यादव के राजभवन नहीं पहुंचने और राज्यपाल की गैरमौजूदगी को लेकर उठे सवालों पर आरजेडी नेताओं ने सफाई दी.
राज्यपाल नहीं थे मौजूद, सचिव को सौंपा गया ज्ञापन
राजभवन पहुंचे आरजेडी के प्रतिनिधिमंडल में अब्दुल बारी सिद्दीकी, आलोक मेहता, सांसद मनोज झा, सांसद सुधाकर सिंह और भाई वीरेंद्र समेत कई नेता शामिल थे. प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के सचिव को पार्टी की ओर से तैयार ज्ञापन सौंपा. नेताओं ने कहा कि राज्यपाल की गैरमौजूदगी के बावजूद उनके प्रतिनिधि ने ज्ञापन स्वीकार किया है.
तेजस्वी यादव के नहीं पहुंचने पर नेताओं ने दी सफाई
तेजस्वी यादव के राजभवन नहीं पहुंचने को लेकर सवाल पूछे जाने पर आरजेडी नेताओं ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि हर कार्यक्रम में पार्टी का नेता ही प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहे. नेताओं के मुताबिक, तेजस्वी यादव कार्यक्रम में मौजूद थे और उनके नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल को राजभवन भेजा गया था.
नेताओं ने कहा कि पहले से तय कार्यक्रम के दौरान तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं को सचिवालय थाना ले जाया गया था. वहीं प्रतिनिधिमंडल के राजभवन जाने की व्यवस्था की गई और पार्टी की मांगों से राज्यपाल के सचिव को अवगत कराया गया.
'मौलिक सवाल यह है कि छात्रों पर AK-47 से फायरिंग क्यों हुई'
आरजेडी नेताओं ने कहा कि मौजूदा विवाद में सबसे अहम मुद्दा यह नहीं है कि तेजस्वी यादव राजभवन पहुंचे या नहीं और राज्यपाल मौजूद थे या नहीं. नेताओं के मुताबिक, असली सवाल छात्रों से जुड़े मुद्दे हैं.
नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों पर AK-47 से फायरिंग की गई. साथ ही उन्होंने मामले में झूठा हलफनामा दिए जाने का आरोप लगाया. केंद्रीय मंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाया गया, जिसमें गोली नहीं चलने की बात कही गई थी. आरजेडी नेताओं ने दावा किया कि हलफनामे में हवाई फायरिंग का उल्लेख स्वीकार किया गया है.
परीक्षा व्यवस्था और रोजगार को लेकर भी सरकार पर हमला
आरजेडी नेताओं ने गर्दनीबाग में आंदोलन कर रहे छात्रों का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने बिहार में परीक्षा व्यवस्था और युवाओं के रोजगार को लेकर सरकार पर निशाना साधा. नेताओं ने कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़ी पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
आरजेडी नेताओं ने कहा कि युवाओं के सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने सरकार से इन मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई करने और ठोस फैसला लेने की मांग की.
'बात नहीं सुनी गई तो सड़क से सदन तक आंदोलन'
राजभवन से बाहर निकलने के बाद आरजेडी नेताओं ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों और छात्रों के मुद्दों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा. नेताओं ने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ी तो सड़क से सदन तक आवाज उठाई जाएगी.
आरजेडी नेताओं ने कहा कि युवाओं ने अब सरकार और जनता के बीच की दूरी खत्म कर दी है. ऐसे में छात्रों और युवाओं से जुड़े सवालों को नजरअंदाज करना सरकार के लिए संभव नहीं होगा.