स्वच्छ सर्वेक्षण: स्टेट रैंकिंग में 13वें नंबर पर बिहार, जानिए किस जिला को मिला बेस्ट सिटीजन फीडबैक अवार्ड

स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 की स्टेट रैंकिंग में 100 से अधिक नगर निकाय वाले राज्यों में बिहार 13वें पायदान पर है.पूर्वी क्षेत्र के लिए एकमात्र बिहार के सुपौल जिले को बेस्ट सिटीजन फीडबैक का अवार्ड मिला है.

By Prabhat Khabar | November 21, 2021 6:50 AM

शनिवार को जारी स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 की स्टेट रैंकिंग में 100 से अधिक नगर निकाय वाले राज्यों में बिहार 13वें पायदान पर है. वहीं, ऑल इंडिया जिला रैंकिंग में देश भर के 659 जिलों में से गया को 289वां, सुपौल को 300वां, पटना को 313वां और मुजफ्फरपुर को 351वां स्थान मिला है.

बिहार के सुपौल जिले को बेस्ट सिटीजन फीडबैक का अवार्ड

स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए घोषित कुल 121 अवार्ड में से पूर्वी क्षेत्र के लिए एकमात्र बिहार के सुपौल जिले को बेस्ट सिटीजन फीडबैक का अवार्ड मिला है.सुपौल को यह अवार्ड 50 हजार से एक लाख आबादी वाली कटेगरी में मिला है. ओडीएफ प्लस वाले देश के 2,284 शहरों में बिहार के 24 शहर शामिल हैं.

बड़े 48 शहरों में बिहार से एकमात्र पटना 44वें नंबर पर

नेशनल रैंकिंग में देखें तो इस बार 10 लाख से अधिक वाले टॉप-48 शहरों में बिहार से एकमात्र पटना 44वें नंबर पर है. हालांकि, 2019 की तुलना में पटना की रैकिंग में तीन स्थानाें का सुधार हुआ है. स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में पटना सबसे अंतिम 47 पायदान पर था.

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एक से 10 लाख की आबादी वाले 374 शहरों में…

एक से 10 लाख की आबादी वाले 374 शहरों में गया ने 208, बिहारशरीफ ने 231, हाजीपुर ने 246, मुजफ्फरपुर ने 250, मुंगेर ने 263, दरभंगा ने 268, छपरा ने 270, बेगूसराय ने 284, बगहा ने 299, मोतिहारी ने 308, बेतिया ने 313, सहरसा ने 315, दानापुर ने 317, किशनगंज ने 328, कटिहार ने 352, आरा ने 353, बक्सर ने 357, जहानाबाद ने 361, सीवान ने 362, भागलपुर ने 366, पूर्णिया ने 367 और सासाराम ने 372वें स्थान पर जगह बनायी है.

2019 में टॉप -100 सूची में बिहार का एक भी शहर शामिल नहीं

मालूम हो कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 में एक से 10 लाख आबादी, एक लाख से अधिक आबादी और एक लाख से कम आबादी वाले शहरों की टॉप -100 सूची में बिहार का एक भी शहर शामिल नहीं हो सका था.

एक लाख से अधिक आबादी वाले टॉप-25 शहरों में बिहार नहीं

एक लाख से अधिक आबादी वाले टॉप-25 शहरों और एक लाख से कम आबादी वाले टॉप-25 शहरों में बिहार का एक भी शहर नहीं है. कैंटोनमेंट वाले 62 शहर में बिहार से एकमात्र दानापुर 53वें नंबर पर है. स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 में इस कैटेगरी में दानापुर अंतिम पायदान 62वें स्थान पर था.

गंगा किनारे एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में मुंगेर दूसरे व पटना तीसरे पायदान पर

गंगा किनारे वाले एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में मुंगेर दूसरे, पटना तीसरे, हाजीपुर सातवें, छपरा आठवें, बेगूसराय नौवें, बक्सर 11वें, जमालपुर 20वें, दानापुर 24वें और भागलपुर 40वें नंबर पर है. गंगा किनारे के ही एक लाख से कम आबादी वाले 43 शहरों में सोनपुर चौथे, सुल्तानगंज 16वें, बख्तियारपुर 18वें, तेघड़ा 19वें, फतुहा 22वें, मोकामा 27वें, बड़हिया 33वें, कहलगांव 34वें और बाढ़ 36वें स्थान पर है.

पूर्वी क्षेत्र की जोनल रैंकिंग में बिहार के कई शहर शामिल

पूर्वी क्षेत्र की जोनल रैंकिंग में 50 हजार से एक लाख आबादी वाले शहरों में सुपौल सातवें, अररिया 23वें, लखीसराय 29वें, डुमरांव 30वें, सुल्तानगंज 33वें, शेखपुरा 34वें, समस्तीपुर 36वें, हिलसा 37वें, भभुआ 39वें और फुलवारीशरीफ 40वें नंबर पर है. 25 से 50 हजार आबादी वाले 123 शहरों में 50वें नंबर पर कांटी, 53वें नंबर पर बोधगया, 56 नंबर पर चनपटिया, 58वें नंबर पर परसा बाजार, 60वें नंबर पर बिक्रमगंज, 61 नंबर पर बड़हिया, 63 नंबर पर बांका, 65 नंबर पर खगौल और 66 नंबर पर राजगीर को जगह मिली है. 25 हजार से कम आबादी वाले 240 शहरों में टॉप-100 में बिहार का एक भी शहर नहीं हैं. 189 पर गया के टिकारी और 199 पर रोहतास के कोचस ने जगह बनायी.

Published By: Thakur Shaktilochan

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