SVU Raid in Bihar: एक्साइज सुपरिटेंडेंट के पटना समेत 4 ठिकानों पर रेड, मंगाई गई नोट गिनने की मशीन, आय से 1.5 करोड़ ज्यादा कमाई

SVU Raid in Bihar: निगरानी विभाग ने औरंगाबाद के एक्साइज सुपरिटेंडेंट अनिल कुमार आजाद के पटना, औरंगाबाद और जहानाबाद स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की. निगरानी विभाग की टीम दस्तावेज, बैंक डिटेल और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है. अनिल पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है.

SVU Raid in Bihar: औरंगाबाद के एक्साइज सुपरिटेंडेंट अनिल कुमार आजाद के पटना, औरंगाबाद और जहानाबाद स्थित घरों पर शुक्रवार सुबह से ही निगरानी विभाग (SVU) की छापेमारी जारी है. तीनों जिलों में एक साथ कार्रवाई करने के लिए टीमें भेजी गईं. औरंगाबाद में दो स्थानों पर तलाशी ली गई, जहां नोटों की गिनती के लिए मशीनें भी मंगाई गई थीं.

Suv के आरोपों की कॉपी

डीएसपी सुधीर कुमार बोले- परिवार से पूछताछ कर रही टीम

पटना के शिवपुरी इलाके में भी अनिल के घर पर रेड चल रही है. तीन गाड़ियों में पहुंची टीम परिवार के लोगों से पूछताछ कर रही है. इसी तरह जहानाबाद के टेहटा इलाके में सुमेरा स्थित उनके आवास पर भी खोजबीन जारी है.

निगरानी विभाग के डीएसपी सुधीर कुमार ने बताया कि कुल चार ठिकानों पर कार्रवाई की गई है. औरंगाबाद में तलाशी पूरी हो चुकी है, जबकि पटना और जहानाबाद में अभी जांच चल रही है. छापेमारी खत्म होने के बाद जानकारी साझा की जाएगी.

2 महीने बाद होने वाले थे रिटायर

अनिल कुमार आजाद पर 1.58 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध संपत्ति इकट्ठा करने का आरोप है. वह इस समय पटना में मौजूद नहीं हैं. टीम उनके घरों से दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात खंगाल रही है. अधिकारियों ने बताया कि आगे की कानूनी प्रक्रिया छापेमारी में मिले सबूतों के आधार पर होगी.

लगभग 20 महीने पहले अनिल को औरंगाबाद में उत्पाद अधीक्षक बनाया गया था और अब करीब दो महीने बाद वो रिटायर होने वाले थे.

क्या बोले आजाद

अनिल कुमार आजाद ने कहा कि यह सब स्प्रिट कारोबार से जुड़े लोगों की साजिश है. उनके मुताबिक गलत आरोप लगाकर शिकायत कराई गई है. उन्होंने दावा किया कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और अपने करियर में उत्कृष्ट कार्य के लिए तीन मेडल भी हासिल कर चुके हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वे अपने भतीजे की शादी में शामिल होकर अभी पटना लौटे ही थे कि तभी टीम पहुंच गई.

हालांकि फिलहाल वह पटना में मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनका कहना है कि जांच से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है और वे पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें: खड़े थे रेवड़ी की लाइन में मिल गया रसगुल्ला, मतगणना एजेंट दीपक प्रकाश बन गये मंत्री

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >