अनंत सिंह को मोकामा से जीतने नहीं देंगे सूरजभान? हो गया ऐलान, 12000 राजपूत वोटर करेंगे खेल

Bihar Elections 2025: विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा सीट पर दो बाहुबलियों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा. एक तरफ अनंत सिंह होंगे, जबकि दूसरी तरफ सूरजभान सिंह. सूरजभान सिंह ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जो भी अनंत सिंह के खिलाफ खड़ा होगा, वह उसके साथ खड़े होंगे.

Bihar Elections 2025: मोकामा विधानसभा सीट की चुनावी दंगल की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. सूरजभान सिंह ने ऐलान कर दिया है कि वह मोकामा में अनंत सिंह को जीतने नहीं देंगे. सूरजभान सिंह ने यह भी कहा कि जो भी अनंत सिंह के खिलाफ खड़ा होगा, वह उनका समर्थन करेंगे. आंबेडकर जयंती के निमंत्रण के लिए पहुंचे सूरजभान सिंह ने कहा कि इस बार मोकामा विधानसभा के पूर्व बाहुबली विधायक अनंत सिंह के विरोध में पूरी ताकत से खड़े रहेंगे.

पत्रकारों से बोले- पुरजोर विरोध करेंगे

बाढ़ अनुमंडल के पंडारक प्रखंड के लक्ष्मीपुर में पहुंचे सूरजभान सिंह ने 14 तारीख को आंबेडकर जयंती के मौके पर समर्थकों को पटना आने का निमंत्रण दिया. पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने साफ किया कि इस बार मोकामा विधानसभा में पूर्व विधायक अनंत सिंह का जोरदार विरोध करेंगे.

राजपूत वोटर निभाते हैं अहम भूमिका

सूरजभान सिंह के साथ मौजूद करनी सेना के प्रदेश अध्यक्ष विजय सिंह ने भी कहा कि जो हमारे साथ होगा हम उसका समर्थन करेंगे. भोनु सिंह ने भी सूरजभान सिंह का साथ देने का वादा किया. मोकामा विधानसभा का पंडारक प्रखंड राजपूत बहुल एरिया है. यहां राजपूत समुदाय के करीब 12 हजार से अधिक वोट हैं. ये वोटर चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं.

इसे भी पढ़ें: Bihar Rain Alert: बिहार के 24 जिलों में लगातार 48 होगी बारिश! IMD ने मेघगर्जन और वज्रपात पर किया येलो अलर्ट जारी

किस गठबंधन का साथ देंगे

इस दौरान सूरजभान सिंह ने राजद के साथ गठबंधन पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि पार्टी ने अभी तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है, लेकिन जो भी मोकामा के हित में काम करने वाला उम्मीदवार होगा, उनका समर्थन किया जाएगा.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >