-संस्कृत शिक्षा बोर्ड की बैठक में लिया गया निर्णय
संवाददाता, पटना
बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की ओर से शुक्रवार को बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने की. बैठक में संस्कृत शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने, विद्यार्थियों की आधारभूत संरचना और नयी शिक्षा नीति को प्रभावी रूप से क्रियान्वयन के लिए विस्तृत चर्चा की गयी.बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि विद्यार्थियों के हित में अन्य बोर्ड की तरह बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड में मध्यमा में पूरक (सप्लिमेंट्री) परीक्षा आयोजित की जायेगी. वार्षिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्र दोबारा आवेदन कर पूरक परीक्षा दे सकेंगे. इसके अलावा बोर्ड से अवकाश प्राप्त कर्मी को सेवांत लाभ देने पर निर्णय लिया गया. इसके साथ ही संस्कृत विद्यालय के प्रधानाध्यापक अब किसी भी दूसरे संस्कृत विद्यालय के प्रबंध समिति में सदस्य के रूप में नहीं रहेंगे. बैठक में संस्कृत विद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी के उपार्जित अवकाश के बदले नगद भुगतान पर प्रस्ताव भी पास किया गया. अनुमोदित नियोजित शिक्षकों को नियमित किया जायेगा. बैठक में सदस्यों ने संस्कृत विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति बढ़ाने व नियमित भुगतान पर सरकार को धन्यवाद दिया. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के साथ संस्कृत अध्ययन का अवसर प्रदान किया जाये. इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एजुकेशन पर प्रस्ताव पारित किया गया. बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय झा ने कहा कि संस्कृत हमारी धरोहर है और इसे आधुनिक शिक्षा पद्धति के साथ जोड़कर ही हम नयी पीढ़ी को संस्कार व ज्ञान दोनों से समृद्ध कर सकते हैं. बैठक में सदस्य विनय चौधरी, चंद्रकिशोर कुमार, अरुण झा, अनुरंजन झा, धनेश्वर कुशवाहा, दुर्गेश राय, बोर्ड के सचिव नीरज कुमार, परीक्षा नियंत्रक उपेंद्र कुमार तथा भवनाथ झा मौजूद रहे.
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