समर कैंप : सीखने और आगे बढ़ने का अवसर

गर्मी की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं और पटना के बच्चों के लिए यह समय सिर्फ मस्ती का नहीं, बल्कि रचनात्मकता और नए कौशल सीखने का भी बेहतरीन मौका है.

संवाददाता, पटना

गर्मी की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं और पटना के बच्चों के लिए यह समय सिर्फ मस्ती का नहीं, बल्कि रचनात्मकता और नए कौशल सीखने का भी बेहतरीन मौका है. शहर भर की सरकारी और निजी संस्थाएं बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ नयी गतिविधियों से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रकार के समर कैंप का आयोजन कर रही हैं. अधिकांश कैंप जून से शुरू होंगे और इनके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है. इन समर कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों में सकारात्मक सोच विकसित करना, उनका शारीरिक और मानसिक विकास सुनिश्चित करना है.

कला और शिल्प में निखार: उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान

इस साल समर कैंप में बच्चों को अलग-अलग गतिविधियों का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा. पटना के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित होने वाले ये कैंप बच्चों को उनकी रुचियों के अनुसार विकल्प प्रदान कर रहे हैं. कला और शिल्प में रुचि रखने वाले बच्चों के लिए उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान एक बेहतरीन मंच प्रदान कर रहा है. यहां 1 से 10 जून तक समर कैंप प्रस्तावित है, जहां बच्चे भारतीय शिल्प कला की बारीकियों को सीख सकेंगे. यह कैंप बच्चों को अपनी रचनात्मकता को निखारने और पारंपरिक कला रूपों से जुड़ने का अनूठा अवसर देगा.

पर्यावरण से जुड़ाव: तरुमित्र का ”इको-फ्रेंडली” कैंप

तरुमित्र ने विभिन्न स्कूलों के साथ मिलकर पर्यावरण जागरूकता पर आधारित समर कैंप की शुरुआत कर दी है. गुरुवार को संत केरेंस स्कूल से इसकी शुरुआत हुई. इस कैंप का मकसद बच्चों को पर्यावरण से जोड़ना और उन्हें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जागरूक करना है. इस दौरान बच्चे सीड बम, इको ब्रिक्स, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट जैसी गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं. उन्हें पौधारोपण और अपने आस-पास के पर्यावरण का ख्याल रखने के बारे में भी सिखाया जा रहा है. यह कैंप अगले दस दिनों तक चलेगा, जो बच्चों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाएगा.

किलकारी का ”चक धूम-धूम”: मस्ती और हुनर का संगम

बच्चों के बीच लोकप्रिय किलकारी बाल भवन में ”चक धूम-धूम” समर कैंप का आयोजन 31 मई से 20 जून तक किया जाएगा. इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है. मात्र 10 रुपये के रजिस्ट्रेशन फीस पर किसी भी स्कूल के बच्चे इसमें शामिल हो सकते हैं. 31 मई को रेन डांस के साथ कैंप की शुरुआत होगी, और 1 जून से गतिविधियां शुरू हो जाएंगी. इस कैंप में बच्चों को नृत्य, संगीत, वादन, नाटक, फोटोग्राफी, कंप्यूटर, विज्ञान, चित्रकला, हस्तकला, मूर्तिकला, सृजनात्मक लेखन, खेल, ताइक्वांडो, कराटे, बैडमिंटन, शतरंज, स्केटिंग, फन गेम आदि सिखाया जाएगा. दिल्ली, मुंबई, पश्चिम बंगाल, गुजरात सहित विभिन्न राज्यों से विशेषज्ञ प्रशिक्षक बच्चों का मार्गदर्शन करेंगे, जिससे उन्हें विविध क्षेत्रों में सीखने का अवसर मिलेगा.

श्रीविज्ञान केंद्र में ‘हॉबी कैंप’: विज्ञान और तकनीक में रुचि जगाने का मंच

श्रीविज्ञान केंद्र में 19 से 31 मई तक ”समर वेकेशन हॉबी कैंप” का आयोजन किया जा रहा है. कैंप दो सेशन में आयोजित होगा- सुबह 11 बजे से 1 बजे तक और दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक. कक्षा छठी से 12वीं तक के बच्चों के लिए विशेष एक्टिविटीज तैयार की गयी है. कक्षा छठी से बारहवीं तक के बच्चों के लिए एक्टिविटी करायी जायेगी.

संगीत शिक्षायतन : कलात्मक विकास का केंद्र

कंकड़बाग स्थित संगीत शिक्षायतन 25 मई से 7 जून तक ”समर वर्कशॉप” का आयोजन कर रहा है. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. सुबह 7:45 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित होने वाले इस वर्कशॉप में चेतना योग यात्रा के तहत योग मेडिटेशन, योग निद्रा और नृत्य योग सिखाया जाएगा. इसके अलावा, क्लासिकल व सेमी क्लासिकल सॉन्ग, कथक, रंगकृति, बेसिक बीट और डायनेमिक ब्रेन जैसी कलात्मक गतिविधियां भी शामिल होंगी, जो बच्चों के कलात्मक विकास को बढ़ावा देगी.

दादीजी मंदिर का समर कैंप: हुनर और आत्मविश्वास की नींव

बिहार प्रादेशिक अग्रवाल सम्मेलन द्वारा 1 से 8 जून तक बैंक रोड स्थित शक्तिधाम दादीजी मंदिर परिसर में आठ दिवसीय समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है. सम्मेलन के अध्यक्ष अमर कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस कैंप का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को मंच देना है, जो महंगे समर कैंप में भाग नहीं ले पाते. यहां न केवल हुनर को तराशा जाता है, बल्कि आत्मविश्वास की नींव भी मजबूत की जाती है. राज्य के प्रतिष्ठित रंगकर्मी सुमन कुमार और कुशल कोरियोग्राफर राजस्थानी लोकनृत्य, लघु नाटिकाएं और थिएटर की तकनीकी बारीकियों का प्रशिक्षण देंगे. अग्रवाल महिला सम्मेलन की अध्यक्ष डॉ. गीता जैन ने बताया कि योग, ध्यान, एरोबिक्स, मेमोरी एक्सरसाइज, फायरलेस कुकिंग, क्राफ्ट, मेकअप टिप्स और मधुबनी पेंटिंग जैसी रचनात्मक विधाएं भी शामिल की गयी हैं, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके. कैंप में सीमित संख्या में ही बच्चों का चयन किया जाएगा. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है.

प्रेमचंद रंगशाला में ”धूम पिचक धूम”: कला और नृत्य का प्रशिक्षण

प्रेमचंद रंगशाला में रंग उमंग की ओर से 10 से 20 जून तक ”धूम पिचक धूम समर कैंप” का आयोजन किया जाएगा. सुबह 7 से 10 बजे तक चलने वाले इस कैंप में पेंटिंग और बैले नृत्य सिखाया जाएगा. सबसे खास बात यह है कि 16 वर्ष तक के बच्चों के लिए यह कैंप बिल्कुल निःशुल्क है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे भी कला और नृत्य का प्रशिक्षण ले सकेंगे.

बिहार यंग मेंस इंस्टीट्यूट : बच्चे टेबल टेनिस का सीखेंगे गुर

खेलकूद में रुचि रखने वाले बच्चों के लिए भी विशेष समर कैंप लगाये जा रहे हैं. बिहार यंग मेंस इंस्टीट्यूट में टेबल टेनिस का समर कैंप लगेगा. टेबल टेनिस के कोच सोमनाथ रॉय ने बताया कि इस कैंप में काफी संख्या में बच्चे गुर सीखने आते हैं. भारत की इंटरनेशनल टेबल टेनिस प्लेयर विशाखा विजय खिलाड़ियों को कोचिंग देंगी, जिससे उन्हें अपनी कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी. इसके अलावा, जूडो के लिए भी समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है. जूडो के कोच राहुल कुमार ने बताया कि दानापुर में समर कैंप लगाने का फैसला किया गया है, जिसमें स्कूलों को शामिल किया जाएगा और उन्हें जूडो की बारीकियां सिखाई जाएंगी. कुल मिलाकर, पटना में इस गर्मी की छुट्टियों में बच्चों के लिए सीखने, बढ़ने और मस्ती करने के कई अवसर उपलब्ध हैं. अभिभावक अपनी सुविधा और बच्चे की रुचि के अनुसार इन कैंपों का चुनाव कर सकते हैं, ताकि छुट्टियां उनके लिए यादगार और फलदायी बन सकें.

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