पटना से आनंद तिवारी की रिपोर्ट
Patna News : पटना इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) के हृदय एवं वक्ष शल्य चिकित्सा विभाग (सीटीवीएस) के डॉक्टरों ने मंगलवार को एक बेहद जटिल और दुर्लभ हृदय सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. बेगूसराय निवासी 60 वर्षीय फेरीवाले के हृदय से ट्यूमर निकालने के बाद ट्रिपल बायपास सर्जरी की गयी. करीब छह घंटे तक चले इस ऑपरेशन में हृदय से ट्यूमर निकालने के साथ ही कोरोनरी धमनियों में मौजूद ब्लॉकेज को बायपास किया गया.
सीने में दर्द और सांस लेने में थी परेशानी
सर्जरी सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डॉ. शील अवनीश के नेतृत्व में की गयी. उन्होंने बताया कि आईजीआईएमएस आने से पहले मरीज कई अस्पतालों में इलाज करा चुके थे. उन्हें लगातार सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ रहती थी. कई बार वह बेहोश भी हो जाते थे. जांच के दौरान हृदय में ट्यूमर के साथ कोरोनरी आर्टरी डिजीज यानी हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज का पता चला. मरीज को डायबिटीज और अस्थमा की भी शिकायत थी.
एक साथ दो गंभीर बीमारी होना बेहद दुर्लभ
डॉ. शील अवनीश ने बताया कि हृदय में ट्यूमर और कोरोनरी आर्टरी डिजीज का एक साथ होना बेहद दुर्लभ है. विश्व स्तर पर यह स्थिति 10 लाख लोगों में 0.5 से भी कम में पायी जाती है. ऐसे मरीजों में अचानक हृदय गति रुकने, ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बना रहता है. उन्होंने बताया कि भारतीय चिकित्सा क्षेत्र में अब तक इस तरह की सर्जरी केवल तीन बार किये जाने की जानकारी है. ऑपरेशन में डॉ. समर, डॉ. अंकित, कार्डियक एनेस्थीसिया टीम के डॉ. आलोक, डॉ. शशांक, डॉ. दिव्या और डॉ. परवेज के अलावा प्रियांशु, मनीषा, सुप्रिया, ज्योत्सना, गीतांजलि, रश्मि समेत अन्य चिकित्सा कर्मियों ने सहयोग किया.
आयुष्मान भारत के तहत मुफ्त हुआ ऑपरेशन
आईजीआईएमएस के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार ने सफल सर्जरी पर पूरी टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह संस्थान में उपलब्ध विश्वस्तरीय और किफायती हृदय चिकित्सा सुविधाओं का प्रमाण है. डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने बताया कि मरीज को आईसीयू में शिफ्ट करने के करीब दो घंटे बाद ही वेंटिलेटर से हटा दिया गया. सर्जरी की शाम को ही मरीज ने खाना शुरू कर दिया था और अब वह चल-फिर भी रहा है. डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है. मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल और डीन (एकेडमिक) डॉ. ओम कुमार ने भी सफल ऑपरेशन के लिए पूरी टीम को बधाई दी. मरीज का ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त किया गया.
