पटना. नेऊरा-सदिसोपुर के बीच चलती ट्रेन से युवक को फेंककर हत्या किये जाने के मामले में रेल पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आयी है. अज्ञात शव की पहचान और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया. जांच में अज्ञात शव के मामले में 72 घंटे की निर्धारित एसओपी का पालन नहीं किये जाने की पुष्टि होने के बाद रेल एसपी अनंत कुमार राय ने शुक्रवार को दानापुर रेल थाने के दारोगा राजेश कुमार और सिपाही अविनाश कुमार को निलंबित कर दिया.
चलती ट्रेन से फेंककर की गयी थी कैलाश की हत्या
दरअसल, छह सितंबर की देर रात बक्सर से पटना आ रही ट्रेन की विकलांग बोगी में चार अपराधियों ने खुद को एसटीएफ अधिकारी बताकर कैलाश कुमार और उसके दोस्त रितेश कुमार के साथ मारपीट की थी. विरोध करने पर अपराधियों ने कैलाश के हाथ-पैर उसी की शर्ट से बांध दिये और चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया. इस घटना में कैलाश की मौत हो गयी, जबकि रितेश गंभीर रूप से घायल हुआ था.
पहचान से पहले करा दिया गया अंतिम संस्कार
सात सितंबर की सुबह नेऊरा-सदिसोपुर के बीच रेल पटरी से एक अज्ञात युवक का शव बरामद किया गया था. आरोप है कि पुलिस ने परिजनों के पहुंचने और शव की पहचान की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही उसका अंतिम संस्कार करा दिया. बाद में शव की तस्वीर देखकर परिजनों ने उसकी पहचान कैलाश कुमार के रूप में की. इसके बाद परिजनों ने रेल पुलिस पर शव को जल्दबाजी में जलाने का आरोप लगाया था.
जांच में एसओपी का पालन नहीं करने की पुष्टि
परिजनों की शिकायत और आरोपों के बाद रेल एसपी ने मामले की जांच करायी. जांच में अज्ञात शव के मामले में निर्धारित एसओपी का पालन नहीं किये जाने की पुष्टि हुई. इसके बाद दानापुर रेल थाने में तैनात दारोगा राजेश कुमार और सिपाही अविनाश कुमार को निलंबित कर दिया गया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी था.
हत्या में रोहित तिवारी की तलाश
इधर, ट्रेन में हुई हत्या और लूट की घटना की जांच भी जारी है. रेल पुलिस ने आरा के बेलसावन निवासी रोहित तिवारी की पहचान मुख्य आरोपितों में की है. पुलिस उसे साइको किलर बता रही है. उसकी गिरफ्तारी के साथ ही वारदात में शामिल अन्य आरोपितों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
चार अपराधियों ने खुद को बताया था एसटीएफ अधिकारी
पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान चार अपराधियों ने खुद को एसटीएफ अधिकारी बताया था. इसके बाद कैलाश और रितेश के साथ मारपीट की गयी. कैलाश के हाथ-पैर बांधकर उसे ट्रेन से नीचे फेंक दिया गया था. अब रेल पुलिस हत्या, लूट और घटना में शामिल अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है.
