पटना कॉलेजिएट स्कूल के स्टूडेंट ने सीखा संवेदनशील जगहों की पहचान करना
विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य शिक्षक व बच्चों ने मिलकर हजार्ड हंट प्रक्रिया के तहत आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया.
By AJAY KUMAR | Updated at :
संवाददाता, पटना
पटना कॉलेजिएट स्कूल पटना में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य शिक्षक व बच्चों ने मिलकर हजार्ड हंट प्रक्रिया के तहत आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया. बच्चों ने विद्यालय परिसर के अंदर, आसपास के क्षेत्र के साथ घर से विद्यालय और विद्यालय से वापस घर लौटने के क्रम में उन सभी जोखिमों व खतरों की पहचान की, जिससे किसी न किसी प्रकार के नुकसान व क्षति होने की आशंका बनी रहती है. उन सभी जोखिमों की पहचान करने के लिये छात्रों को अलग-अलग पांच ग्रुप में बांटा गया. ग्रुप ए के नेतृत्व करते हुए सुप्रिया कुमारी ने 10 छात्राओं के साथ शौचालय, डस्टबिन हैंड वाश सहित संबंधित जोखिमों का पहचान किया. ग्रुप बी के छात्रों का नेतृत्व, अमित कुमार ने भवन निर्माण से संबंधित भूकंप के समय सुरक्षा रिपोर्ट तैयार की. ग्रुप सी के 10 छात्रों का नेतृत्व आयुष कुमार ने करते हुए इलेक्ट्रिक से संबंधित जोखिम, नालों, जल जमाव से संबंधित जोखिमों का अध्ययन किया. वहीं ग्रुप डी का नेतृत्व करते हुए ऋषि कुमार, आयुष राज ,आशीष कुमार ने स्वच्छता स्वास्थ्य से संबंधित संबंधी जोखिमों का रिपोर्ट तैयार की. सभी रिपोर्ट विद्यालय में गठित आपदा प्रबंधन समिति को सौंपी गयी. मास्टर ट्रेनर एवं राजकीय शिक्षा पुरस्कार से सम्मानित डॉ जय नारायण दुबे ने कहा कि विद्यालय में सुरक्षित माहौल बनाने के लिये विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति का गठन किया गया है. कार्यक्रम में शिक्षिका डॉ स्मृति कुमारी, प्लस टू शिक्षिका आरती कुमारी, राजेश चौधरी, तरन्नुम जहां व अन्य लोग मौजूद रहे.
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