बिहार में पहली बार हुआ राज्य स्तरीय डॉग शो का आयोजन, लैब्राडोर और जर्मन शेफर्ड ने जीता सबका दिल

Bihar Dog Show: पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने पहली बार राज्य स्तरीय डॉग शो का आयोजन किया. जहां पटनाइट्स ने डॉगीज की नुमाइश देखी और उन्हें नये नस्लों की जानकारी भी मिली. इस शो में राज्य भर से लगभग 20 नस्लों के 140 श्वान शामिल हुए. सभी अपने मालिकों के साथ सज-धज कर आये थे. इस अवसर पर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कुल पांच श्रेणियों के अन्तर्गत सबसे एक्टिव डॉग, आज्ञाकारी डॉग, सबसे सीनियर डॉग, सबसे क्यूट डॉग और सर्वोत्तम सुसज्जित डॉग का चयन किया गया.

Bihar Dog Show, लाइफ रिपोर्टर@पटना: बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय के खेल परिसर में बुधवार को पांच कैटेगरी में 20 नस्लों के 140 से ज्यादा डॉगीज और उनके ऑनर व प्यार करने वालों का जमावड़ा लगा रहा. दरअसल, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार की ओर से ‘पशुपालन एवं पशु कल्याण जागरूकता माह’ के अंतर्गत राज्यस्तरीय डॉग-शो का आयोजन किया गया. जिसका उद्घाटन विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ एन विजयलक्ष्मी ने किया. इस शो में कुत्तों का मनमोहक एक्टिविटी को देख दर्शक व विशेषज्ञ दंग रह गये. बेहतर प्रदर्शन करने वाले डॉगीज को सम्मानित भी किया गया. वेटरनरी कॉलेज परिसर में ही डॉगीज के इलाज की भी व्यवस्था की गयी थी, जहां कई विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद रहे.

स्वास्थ्य व नस्ल की गुणवत्ता की हुई जांच

प्रतियोगिता में स्वास्थ्य जांच, नस्ल की गुणवत्ता तथा आज्ञाकारिता के आधार पर पुरस्कृत किया गया. इस आयोजन के पीछे का मकसद सभी पेट्स लवर को साथ लाने और कुत्तों के प्रति प्रेम व सामाजिकता बढ़ाने का था. निर्णायक मंडल में डॉ अजीत कुमार, डॉ जितेन्द्र कुमार, डॉ मुकेश सहाय तथा फिटनेस कमेटी में डॉ रणजीत शर्मा, डॉ विजय सिंह, डॉ शैलेन्द्र कुमार एवं डॉ अविनाश कुमार व आयोजन मंडल में डॉ शशिकांत अजय, डॉ राकेश कुमार पंजियार आदि उपस्थित रहे.

मासूमियत व शरारतों से डॉगीज ने सबको किया आकर्षित

डॉग शो प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कुत्तों ने अलग-अलग करतब दिखा कर लोगों को अपनी तरफ आकर्षित किया. वहीं, स्मारिका का विमोचन डॉ एन विजयलक्ष्मी ने कहा कि डॉग शो के आयोजन के माध्यम से श्वान पालकों को श्वान पालन से संबंधित आवश्यक व नयी जानकारियों से अवगत कराना, श्वान के स्वास्थ्य परीक्षण व टीकाकरण के संबंध में जानकारी देना है. वहीं, कार्यक्रम के समापन में संयुक्त निदेशक (पशु स्वास्थ्य) ने विजेताओं को सम्मानित किया और कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल पालतू पशुओं के प्रति जागरूकता बढ़ती है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, पोषण और प्रशिक्षण को लेकर लोगों में सकारात्मक सोच विकसित होती है. बता दें कि, इस आयोजन में बड़ी संख्या में पशु प्रेमी, वेटनरी विशेषज्ञ, छात्र और आम नागरिक उपस्थित रहे.

इन श्रेणियों में हुई प्रतियोगिता

  1. सर्वोत्तम सक्रिय डॉग
  2. आज्ञाकारी डॉग
  3. सर्वोत्तम सीनियर डॉग
  4. सर्वोत्तम क्यूट डॉग
  5. सर्वोत्तम सुसज्जित डॉग

विभिन्न पांच कैटेगरी में इन्हें मिला पुरस्कार

सर्वोत्तम सक्रिय डॉग
पुरस्कार ऑनर ब्रीड
फर्स्ट बम सेफ वंडर टीम जर्मन सेफर्ड
सेकेंड हर्ष कुमार रॉट वीलर
थर्ड आशा कैनल रॉट वीलर

आज्ञाकारी डॉग

पुरस्कार ऑनर ब्रीड
फर्स्ट संजीव महिंद्रा लैब्राडोर
सेकेंड दीपाली सिंह कल्चर पॉम
थर्ड शंकर लैब्राडोर

सर्वोत्तम सीनियर डॉग

पुरस्कार ऑनर ब्रीड
फर्स्ट ऋषभ राय ग्रेट डेन
सेकेंड विनय कुमार लैब्राडोर
थर्ड एसके सिंह गोल्डन रिट्रीवर

सर्वोत्तम क्यूट डॉग

पुरस्कार ऑनर ब्रीड
फर्स्ट मनीष कुमार जीमी
सेकेंड उगान स्नो
थर्ड दीपाली सिंह मोगली

सर्वोत्तम सुसज्जित डॉग

पुरस्कार ऑनर ब्रीड
फर्स्ट अभिलाषा कोको
सेकेंड रश्मि सिंह डिप्सी
थर्ड गुरप्रीत पर्ल

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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