Patna News: अपने मकान पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाकर बिजली कंपनी के ग्रिड को अतिरिक्त बिजली भेजने के बावजूद उपभोक्ताओं को फिक्स चार्ज देना होगा. पटना जिला उपभोक्ता आयोग ने पटना के एक वरिष्ठ नागरिक की शिकायत को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) के नियमों के तहत बिजली कंपनी द्वारा फिक्स चार्ज वसूलना पूरी तरह कानूनी है.
दरअसल, बेऊर निवासी 70 वर्षीय धरणीधर झा ने साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) के खिलाफ याचिका दायर की थी. उनका आरोप था कि 10 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने और ग्रिड को अतिरिक्त बिजली देने के बावजूद कंपनी गलत तरीके से फिक्स चार्ज वसूल रही है. मामला अप्रैल 2024 की है. एक माह में 661.33 रुपये फिक्स चार्ज जोड़ा गया.
खपत से अधिक बिजली भेजने के बावजूद लगा फिक्स चार्ज
शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके सोलर प्लांट से खपत से ज्यादा बिजली पैदा कर SBPDCL के ग्रिड में भेजता है. इसके बावजूद बिजली कंपनी द्वारा बिना सही मीटर रीडिंग के मनमाने बिल भेजे जा रहे थे व फिक्स चार्ज जोड़ा जा रहा था. उपभोक्ता का तर्क था कि जब वे खुद कंपनी को बिजली दे रहे हैं, तो उनसे फिक्स चार्ज वसूलना व बकाया राशि का भुगतान न करना सेवा में कमी है. इसके लिए उन्होंने 10 लाख रुपये मुआवजे और रिफंड की मांग की थी.
उपभोक्ता ने 932 में महज 183 यूनिट का किया इस्तेमाल
वहीं, मामले पर SBPDCL ने आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा. कंपनी ने बताया कि उपभोक्ता का स्वीकृत लोड 5 किलोवाट से बढ़ाकर 10 किलोवाट किया गया था और स्मार्ट नेट मीटर लगाया गया था. उपभोक्ता ने 932 यूनिट बिजली ग्रिड को भेजी व 183 यूनिट का इस्तेमाल किया, जिससे उनका 749 यूनिट बैलेंस रहा.
BERC के 2018 के नियमों के तहत बची हुई बिजली की भरपाई केवल यूनिट (kWh) के रूप में होती है, न कि फिक्स चार्ज या अन्य सरकारी शुल्कों को माफ करके. नियमों के अनुसार कंपनी उपभोक्ता टैरिफ के अलावा फिक्स चार्ज वसूलने के लिए अधिकृत है.
सोलर बढ़ावा के लिए नियमों में बदलाव का दिया सुझाव
आयोग के सदस्य रजनीश कुमार ने शिकायत खारिज करते हुए कहा कि कंपनी की ओर से कोई गड़बड़ी या सेवा में कमी नहीं पाई गई है. वहीं, अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्रा ने फैसले से सहमति जताते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष के अंत में बची हुई सोलर बिजली का क्रेडिट खत्म हो जाने का मौजूदा नियम एकतरफा व सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले उपभोक्ताओं को हतोत्साहित करने वाला है.
आयोग ने राज्य सरकार, ऊर्जा विभाग और BERC को इस आदेश की कॉपी भेजकर सलाह दी है कि इस नियम में संशोधन किया जाए, ताकि अतिरिक्त बिजली उत्पादन करने वाले लोगों को उचित मुआवजा या लाभ मिल सके.
