बिहार में कूरियर से हो रही प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी, अब पूरे राज्य में छापेमारी के लिए टीम गठित

Bihar News: बिहार की राजधानी पटना में प्रतिबंधित दवाओं का गोरखधंधा इस कदर चल रहा है. कंपनियां कूरियर के जरिए लोगों को घर पहुंचा रही हैं. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर व उत्तराखंड से पटना सहित पूरे बिहार तक ड्रग्स माफिया का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है. कूरियर से अलग-अलग नाम से चर्चित व प्रतिबंधित (ड्रग्स) दवा माफियाओं के पास पास पहुंचता है. फिर पैडलर ग्राहकों तक पहुंचाता है. इसका खुलासा बीते 24 अप्रैल को शहर के वाचस्पति नगर में औषधि नियंत्रक प्रशासन (ड्रग विभाग) ने छापेमारी में हो चुका है.

आनंद तिवारी/ Bihar News: बिहार में कूरियर कंपनियों के माध्यम से प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई की जा रही है. औषधि नियंत्रक प्रशासक चुनेंद्र महतो की देखरेख में की गई छापेमारी में करीब 12 लाख रुपये की प्रतिबंधित दवाएं पकड़ी कई थी. पकड़े गये मिथलेश कुमार सिंह व दीपक सिंह ने बताया था कि कुरियर कंपनियों के माध्यम से वह पटना में प्रतिबंधित दवाएं मंगवाते हैं और पूरे बिहार में इसकी सप्लाई करते हैं. जिसको देखते हुए अब अलग से ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम का गठन किया गया है.

लोकल नेटवर्क खंगाल रही है ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम, होगी छापेमारी

सूत्रों के मुताबिक हर महीने आरोपी दीपक व उसका भाई यूपी व उत्तरांचल से इतना ड्रग्स आता था, जिससे वह वाचस्पति नगर स्थित अपने गोदाम में पैक कर बिहार के अलग-अलग जिलों में भेजने का काम करते थे. इसे परमानेंट ग्राहकों के पास भेज देता था. ड्रग विभाग आरोपी के मोबाइल के कॉल डिटेल, वाट्सऐप मैसेज आदि की जांच कर रही है. इससे उसके कुछ रेग्यूलर ग्राहकों के नंबर भी मिले हैं. सूत्रों के अनुसार जांच में पता चला है कि आरोपित ब्रांडेड कंपनियों का रैपर बदलकर भी दवाओं को मंगवाते थे.

ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम गठित

इनमें सबसे अधिक रेड्डी, लूपिन, जीएसके, एस्ट्राजेनेका फार्मा, एरिस्टो, ज्य्दुस हेल्थकेयर, रैकेट ब्रोनकाइजर, पीएंडजी, ग्लेनमार्क, मेकाइंड और बायो आयल जैसे ब्रांड के नाम पर भी दवाएं मंगवाते थे. इनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए ड्रग कंट्रोलर की ओर से पटना सहित पूरे बिहार में अलग-अलग ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम गठित की कई है जो कुछ चिह्नित कुरियर कंपनियों पर औचक छापेमारी करेंगी. इससे पूर्व बीते 23 अप्रैल को सारण जिले के दरियापुर थाना की पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर लाखों रुपये की अवैध दवा के कारोबार का पर्दाफाश किया था. ब्रांड प्रोटेक्शन कंपनी के कर्मी सैदुल्लाह के बयान पर आरोपित के खिलाफ संबंधित थाने में एफआइआर दर्ज की गई थी.

क्या कहते हैं अधिकारी

बिहार ड्रग कंट्रोलर नित्यानंद क्रिशलय ने कहा कि गुप्त सूचना के माध्यम से पता चला है कि कुरियर कंपनियों के माध्यम कई ब्रांडेड दवाएं पटना सहित पूरे बिहार में मंगाई जा रही हैं, जो पूरी तरह से प्रतिबंध है. हाल ही में शहर के पटना सिटी स्थित वाचस्पति नगर में हुई छापेमारी में इसका खुलासा हुआ है. इसको देखते हुए पूरे बिहार में एक अभियान चलाकर औचक छापेमारी की जायेगी. इसके लिए ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम का गठन कर लिया गया है और निर्देश भी जारी किया गया है.

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लेखक के बारे में

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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