Simaria Bridge: इस वजह से आठ घंटे पूरी तरह बंद रहेगा सिमरिया पुल, दोनों तरफ जवान रहेंगे तैनात

Simaria Bridge: सिमरिया पुल को मंगलवार की रात आठ घंटे के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. इस दौरान लोगों को प्रशासन द्वारा वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है.

Simaria Bridge: 1960 के दशक में बेगूसराय और मोकामा के बीच गंगा नदी पर बने राजेंद्र सेतु (सिमरिया पुल) के सड़क पर रिपेयरिंग का काम चल रहा है. मंगलवार रात इसकी ढलाई होगी. इस दौरान यातायात पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी. सिमरिया पुल के रास्ते सफर करने वालों को सलाह दी गई है कि वो मंगलवार की रात इस रास्ते का इस्तेमाल ना करें और सफर के लिए वैकल्पिक रास्तों से जाएं.

फिलहाल ऐसे चल रहा काम

काफी समय से सिमरिया पुल की रिपेयरिंग का काम चल रहा है. अभी बारी-बारी से पुल पर दोनों तरफ से गाड़ियों का आवागमन होता है. पटना और बेगूसराय जिला की पुलिस आपसी तालमेल से पुल के दोनों ओर 10 से 20 मिनट के लिए एक तरफ का रास्ता खोलती है.

ढलाई के दौरान जवान रहेंगे तैनात

पुल पर पूरी तरह से आवागमन बंद रखने की सूचना देते हुए मोकामा ब्रिज के सहायक इंजिनियर ने दोनों जिला प्रशासन को सिमरिया पुल के दोनों सिरे पर पुलिस बल की तैनाती की मांग की गई. सिमरिया पुल के सड़क की ढलाई के लिए मंगलवार रात से सड़क मार्ग बंद कर दिया जाएगा. रेलवे की मांग पर पुल के दोनों ओर पुलिस अधिकारी और जवानों को तैनात कर दिया गया है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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