पटना.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव और घरेलू मांग में कमी के चलते चांदी के दाम बीते आठ दिनों में करीब 11,850 रुपये प्रति किलो तक गिर गये हैं. स्थानीय सर्राफा बाजार से मिली जानकारी के अनुसार 28 दिसंबर को चांदी की कीमत 2,44,500 रुपये प्रति किलो थी, जो घट कर एक जनवरी को 2,30,500 रुपये प्रति किलो पर आ गयी. इसके बाद दो व और 4 जनवरी को चांदी की कीमत 2,32,650 रुपये प्रति किलो हो गयी, जो पिछले दिनों की तुलना में मामूली सुधार हुआ. पाटलिपुत्र सर्राफा संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, अंतरराष्ट्रीय धातु बाजार में नरमी और निवेशकों की सतर्कता के कारण चांदी के दाम में यह गिरावट आयी है. वहीं, शादी के सीजन के बावजूद खुदरा खरीद में अपेक्षित तेजी नहीं दिखी, जिसके कारण स्थानीय बाजार पर भी असर पड़ा. सोने की तुलना में चांदी निवेशक वर्ग के लिए अधिक अस्थिर मानी जाती है और वैश्विक आर्थिक संकेतकों के बदलते रुझान चांदी के दामों को सीधे प्रभावित करते हैं. हीरा पन्ना के निदेशक श्रद्धा केशरी का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक मांग में सुधार होता है तो चांदी के दाम में फिर से तेजी लौट सकती है. फिलहाल, गिरावट की वजह से चांदी खरीदने वालों के लिए यह समय लाभकारी माना जा रहा है, जबकि निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. फ्रेजर रोड स्थित तनिष्क शोरूम के महाप्रबंधक उमेश टेकरीवाला की मानें तो आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतक और अमेरिकी फेड नीति के रुख के आधार पर ही चांदी के दाम की अगली दिशा तय होगी.
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