Bihar Politics: पहलगाम हमले पर श्रेयसी सिंह का विपक्ष पर निशाना, कहा- "ये राजनीति का समय नहीं"

Bihar Politics: पहलगाम हमले पर भाजपा विधायक श्रेयसी सिंह ने कहा कि ये पॉलिटिक्स करने की जगह नहीं है. आज जो भी व्यक्ति सरकार से प्रश्न कर रहा है वो सरकार नहीं बल्कि देश से प्रश्न कर रहा है. हमें तो लगता है कि देश को सबसे ज्यादा खतरा इन्हीं लोगों से है.

Bihar Politics: बीजेपी विधायक श्रेयसी सिंह सोमवार को पटना के बेली रोड स्थित केंद्रीय विद्यालय पहुंचीं थीं. यहां उन्होंने खेलकूद प्रतियोगिता का उद्घाटन किया. यहां भाजपा विधायक श्रेयसी सिंह ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले को लेकर विपक्षी दलों को करारा जवाब दिया. उन्होंने कहा, “भारत को सबसे ज्यादा खतरा इन्हीं लोगों से है.”

आज का भारत पलटकर जवाब देता है

पहलगाम हमले को लेकर विधायक श्रेयसी सिंह ने कहा कि भारत अब किसी भी घटना पर शांत नहीं बैठता है. वह पलटकर जवाब देता है. इस घटना का भी बहुत जल्द करारा जवाब दिया जाएगा. सरकार पर सवाल करने वालों और कार्रवाई की रिपोर्ट मंगने वालों को विधायक ने नसीहत दी है. उन्होंने कहा कि ये राजनीति का मुद्दा नहीं है. आज जो भी व्यक्ति सरकार से प्रश्न कर रहा है वो सरकार नहीं बल्कि देश से प्रश्न कर रहा है. हमें तो लगता है कि देश को सबसे ज्यादा खतरा इन्हीं लोगों से है.

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आरजेडी नेताओं ने मांगी थी हमले की जांच रिपोर्ट

पहलगाम हमले के बाद कई आरजेडी नेता ने पुलवामा हमले की जांच रिपोर्ट मांगी थी. सवाल पूछने वालों में खुद तेजस्वी यादव भी शामिल हैं. पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने भी X पर पोस्ट कर के केंद्र सरकार पर हमला किया था. उन्होंने लिखा था, “भारत का 80 साल का जेम्स बांड कहां है? राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार क्या केवल मलाई खाने के लिए बने हैं? पहलगाम में 2000 पर्यटक थे तो एक सुरक्षाकर्मी क्यों नहीं? इतनी बड़ी आतंकी कारवाई कर दिया कोई इंटेलिजेंस नहीं, देश को मजाक बना दिया, नफरत के सहारे सिर्फ गद्दी, सुरक्षा भगवान भरोसे.” (रानी ठाकुर)

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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