संवाददाता, पटना
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से बिहार शिक्षा समिति के सदस्यों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. यह प्रशिक्षण पटना साहिब भवन, पटना सिटी में आयोजित किया गया. शिविर में राज्य भर के चयनित प्रत्येक विद्यालय से पांच-पांच प्रतिभागी शामिल हुए, जिसमें दो शिक्षक, दो उत्प्रेरक और एक लोक भागीदारी से शामिल हुए. सभी सदस्यों को विद्यालय प्रबंधन की जानकारी दी गयी. इस अवसर पर बिहार शिक्षा परियोजना के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ उदय उज्ज्वल ने बताया कि प्रशिक्षण में विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों को स्कूल को अपना समझने और इसके सफल संचालन के बारे में जानकारी दी गयी. सरकार इसे चलाने के लिए केवल अनुदान देती है. स्कूल अच्छे तरीके से कैसे चले और स्कूल के अंदर शैक्षणिक माहौल कैसे बने, यह जिम्मेदारी विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों की होती है. प्रशिक्षण में स्कूल में शौचालय है या नहीं, बेंच-डेस्क की स्थिति, चौक-डस्टर, पानी की व्यवस्था, स्कूल में बच्चों का नामांकन, शिक्षक स्कूल आ रहे है या नहीं, समय पर स्कूल का खुलना, शैक्षणिक गतिविधि आयोजित करना और सरकारी योजनाओं से अभिभावकों को अवगत करना, विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों की जिम्मेदारी होती है. प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि स्कूल हित में जो भी मास्टर प्लान बनायेंगे उसको विभागीय स्तर पर पूरा करने का प्रयास किया जायेगा. इस प्रशिक्षण शिविर में बिहार शिक्षा परियोजना के पदाधिकारी निखत फातमा, शरद कुमार और नमिता भारद्वाज ने अहम भूमिका निभायी. राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों को अनुशासन की भी जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागियों के आवश्यकता का आकलन की भी जांच की गयी. प्रशिक्षण में 190 में 190 प्रतिभागी औसतन 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किया. उन्होंने बताया कि सभी प्रतिभागी अब अपने-अपने जिले के मास्टर ट्रेनर्स बन गये हैं. इसी तरह जिले में जाकर यह सरकारी विद्यालयों के प्रबंधन समिति के सदस्यों को प्रशिक्षित करेंगे ताकि सभी सरकारी विद्यालयों का प्रबंधन बेहतर हो और बच्चों को बेहतर माहौल में शिक्षा प्रदान की जा सके.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
