ATM से फ्रॉड का नया तरीका, शिक्षक से सेकेंडों में ठग लिया 18000, जानें क्या दिया था झांसा

ATM Fraud: बैंक अधिकारी ने नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर सूचना देने को कहा. 1930 पर कॉल करने पर पूछताछ कर्मी ने संतोषजनक सहयोग नहीं दिया. 10 मिनट के बाद शिकायत दर्ज करने की बात कहकर मामले को टाल दिया गया. शिक्षक ने बताया कि गुरुवार को महावीर जयंती पर बैंक बंद रहेगा. अब इसकी शिकायत शुक्रवार को एसबीएस के हेड ब्रांच में करेंगे.

ATM Fraud, गौतम वेदपाणि, भागलपुर: एटीएम कार्ड के सहारे बैंक के ग्राहकों के साथ फ्रॉड का एक नया तरीका सामने आया है. ताजा मामला पटना के अगमकुआं थानाक्षेत्र के भूतनाथ रोड टीवी टावर स्थित SBI ATM सेंटर का है. बुधवार सुबह साढ़े सात बजे 4500 रुपये निकासी के दौरान सुलतानगंज निवासी शिक्षक राजेश श्रीवास्तव को ठगों ने पहले झांसा दिया. फिर पंजाब एंड सिंध बैंक के एटीएम कार्ड के सहारे 18 हजार रुपये की निकासी कर ली. शिक्षक अपनी शिकायत लेकर निकट के एसबीआइ ब्रांच गये थे. बैंक अधिकारी ने कहा कि यह एटीएम मशीन मेरे ब्रांच से जुड़ा नहीं है. उन्होंने एसबीआइ हेड ऑफिस गांधी मैदान में स्कैम डिपार्टमेंट में लिखित शिकायत की सलाह दी.

शिक्षक क्या बोले

शिक्षक ने बताया कि एसबीआइ एटीएम मशीन से 4500 रुपये की निकासी के बाद उनका पंजाब एंड सिंध बैंक का कार्ड अटक गया. इसके बाद ट्रांजक्शन कैंसिल का बटन दबाकर दो तीन मिनट इंतजार किया. कार्ड को खींचने का प्रयास किया, लेकिन कार्ड नहीं निकला. मशीन के पास एटीएम इंजीनियर का नंबर लिखा था. इस नंबर पर कॉल कर कार्ड के फंसने की जानकारी दी गयी. वहीं यहां पर गार्ड नहीं रहने की भी शिकायत की गयी. कॉल के दौरान कहा गया कि तीन बार कैंसिल करें, फिर अपना पिन डालें और ग्रीन बटन दबायें. इसके बाद मशीन ऑफ हो जायेगा. आपका कार्ड भी निकल जायेगा. ऐसा करने पर मशीन ऑफ नहीं हुआ.

इसके बाद शिक्षक को कहा गया कि 100 मीटर दूर सेंट्रल बैंक का एटीएम है. वहां पर हमारा गार्ड है, आप वहां जाकर शिकायत करें. गार्ड आकर मशीन ऑफ कर आपका फंसा कार्ड निकाल देगा. वहां जाने के बाद गार्ड नहीं दिखा. इस दौरान कॉल पर कहा गया कि 10 मिनट बाद गार्ड आयेगा. आप एटीएम मशीन के पास चले जाइये. वहां जाकर देखा तो एटीएम कार्ड गायब था. जिस नंबर को देखकर एटीएम मैनेजर को कॉल किया गया. वह कागज फाड़कर बाहर फेंक दिया गया था. साथ ही अकाउंट में रखे 18 हजार रुपये निकासी का मैसेज आ गया.

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एटीएम मशीन पर आये दिन होती है घटना

शिक्षक ने एटीएम लूट की इस घटना की जानकारी आसपास स्थित दुकानदारों को दी. लोगों ने बताया कि ऐसी घटना यहां पर आये दिन होती रहती है. पुलिस भी आकर कई बार छानबीन कर चुकी है. लेकिन यह वारदात रुकने का नाम नहीं ले रहा है.

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कार्ड स्वैप करने की जगह क्विक फिक्स का प्रयोग

शिक्षक राजेश श्रीवास्तव ने आशंका जतायी कि जिस जगह कार्ड को मशीन में स्वैप किया जाता है, वहां पर ठग ने क्विक फिक्स जैसे गोंद का प्रयोग किया होगा. देशभर में इस तरह से पैसे की ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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