सरस मेला: आठ दिनों में 9 करोड़ से अधिक का कारोबार

सरस मेले में बिहार के सभी जिलों से महिला उद्यमी अपने जिले के हस्तशिल्प, कलाकृतियों और मशहूर देशी व्यंजनों, मिठाइयों को लेकर आयी हैं.

संवाददाता, पटना

सरस मेले में बिहार के सभी जिलों से महिला उद्यमी अपने जिले के हस्तशिल्प, कलाकृतियों और मशहूर देशी व्यंजनों, मिठाइयों को लेकर आयी हैं. इसकी बड़े पैमाने पर बिक्री हो रही है. सरस मेले में उनके हुनर और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन, बड़ा बाजार दिया जा रहा है. इस बाजार में देशी उत्पाद, शिल्प और व्यंजन अपने मूल स्वरूप और स्वाद में विभिन्न स्टॉल पर उपलब्ध हैं. ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मेला आ रहे हैं और अपने मनपसंद उत्पादों की खरीदारी करते हुए देशी व्यंजनों का लुत्फ उठा रहे हैं. सरस मेले में आठ दिनों में खरीद-बिक्री का आंकड़ा 9 करोड़ रुपया पार कर गया है. मेले के आठवें दिन लगभग 1 करोड़ 30 लाख 67 हजार 855 रुपये का व्यवसाय हुआ है. सरस मेले के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुति भी की जा रही है. नाद, पटना के कलाकारों की ओर से लोगों को पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की. नाटक के कलाकारों में राजेश, राज, अमन, सौरभ, हर्ष, नीलम, फिजा, चंदन और शाहदेव आदि थे . प्रतिदिन मुख्य मंच पर बिहार के लोक गीत और लोक नृत्यों की प्रस्तुति से दर्शक बिहार की बेमिशाल संस्कृति और परंपरा से रूबरू हो रहे हैं. लोक कलाकारों की ओर से गोधना, झिझिया, जट-जटिन, झूमर, कृष्ण-राधा लीला और बिदेशिया के गीत और नृत्यों की प्रस्तुति बिहार की लोकगीत, लोक नृत्य को प्रोत्साहन, सम्मान भी दे रही है . मुख्य मंच पर प्रतिदिन तीन महिला उद्यमी अपनी सफलता की प्रेरणादायक कहानी दर्शकों को सुना रही हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KUMAR PRABHAT

KUMAR PRABHAT is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >