संवाददाता, पटना
केंद्र सरकार ने राज्य के संस्कृत विद्यालयों को समग्र शिक्षा योजना से जोड़ने की स्वीकृति दे दी है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस संबंध में बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड को स्वीकृति पत्र भेजा है. पत्र में कहा गया है कि राज्य स्तर के सभी संस्कृत विद्यालयों को अब केंद्रीय योजना समग्र शिक्षा के दायरे में लाया जायेगा. इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया और औपचारिकताएं जल्द पूरी की जायेंगी. बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस निर्णय पर आभार जताते हुए कहा कि यह कदम संस्कृत शिक्षा के पुनरुत्थान और आधुनिकीकरण की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों की स्पष्ट नीति है कि भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण के साथ ही संस्कृत विद्यालयों का सर्वांगीण विकास हो.मॉडल संस्कृत स्कूल बनेंगे, आधारभूत ढांचा होगा मजबूत
अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने बताया कि बोर्ड की ओर से केंद्र सरकार को पत्र लिखकर 47 मॉडल संस्कृत विद्यालयों के निर्माण और पहले से चल रहे प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों के नवीनीकरण के लिए अनुदान की मांग की गयी थी. अब केंद्रीय स्वीकृति मिलने के बाद इन स्कूलों की इमारत, शिक्षण संसाधन और आधुनिक तकनीक से लैस सुविधाओं के विकास का रास्ता खुल गया है. उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा योजना से जुड़ने पर संस्कृत विद्यालयों में आधारभूत ढांचे, शैक्षिक सामग्री और तकनीकी संसाधनों की कमी दूर होगी. इसके साथ ही नयी शिक्षा नीति -2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम को आधुनिक स्वरूप दिया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
