Samrat Choudhary On Bungalow Row: बिहार में सरकारी बंगले को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दिया है. शेखपुरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा कि वह पद और सरकारी आवास से मोह रखने वालों में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि जिस दिन पार्टी और नेतृत्व कहेगा कि अब उनकी जिम्मेदारी खत्म हो गई है, वह 24 घंटे के भीतर सरकारी आवास छोड़कर अपने निजी घर चले जाएंगे. सम्राट चौधरी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर सियासत गरमाई हुई है.
’24 घंटे में झोला उठाकर निकल जाऊंगा’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राजनीति में जनता की सेवा के लिए आए हैं, किसी सरकारी घर या सुविधा के लिए नहीं. उन्होंने कहा कि जिस दिन पार्टी और हमारे नेता कहेंगे कि आपका काम यहीं समाप्त होता है, सम्राट चौधरी 24 घंटे के भीतर अपना झोला उठाकर अपने प्राइवेट घर में चला जाएगा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पद और आवास स्थायी नहीं होते, बल्कि जनता की सेवा सबसे महत्वपूर्ण होती है.
‘सरकारी आवास किसी की बपौती नहीं’
सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जब वह सरकारी आवास पहुंचे तो उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाहर लिख दिया जाए कि यह लोकसेवक का आवास है. यह जनता की सेवा का केंद्र है, किसी की निजी संपत्ति नहीं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारी आवास और सरकारी सुविधाएं नियमों के तहत मिलती हैं और समय आने पर उन्हें छोड़ना भी पड़ता है.
‘मैं कई पदों पर रहा, लेकिन घर का मोह नहीं रखा’
मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वह पिछले कई वर्षों में मंत्री, उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं. इसके बावजूद उन्होंने लंबे समय तक अपने निजी घर में रहना पसंद किया. उन्होंने बताया कि राजनीति के सफर में अब तक वह कई सरकारी आवास बदल चुके हैं. आज जिस घर में वह रह रहे हैं, वह उनका ग्यारहवां सरकारी आवास है.
बिना नाम लिए साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान सम्राट चौधरी ने बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग सरकारी घरों से इतना लगाव रखते हैं कि उन्हें सिर्फ अपने आवास की चिंता रहती है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को बेटे के लिए अलग घर और परिवार के दूसरे सदस्यों के लिए अलग व्यवस्था चाहिए, जबकि उनकी सरकार जनता की सेवा को प्राथमिकता देती है.
‘जनता की भलाई के लिए राजनीति’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल जनता के हित में काम करना है. उन्होंने कहा कि बिहार में सुशासन और विकास की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी ताकत होती है और जनप्रतिनिधियों को हमेशा जनता के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए. उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार जनता की भलाई और राज्य के विकास के लिए लगातार काम करती रहेगी.
