Samrat Choudhary: (सुबोध नंदन, पटना) बिहार में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार अब बड़े स्तर पर काम करने की तैयारी में है. बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित व्यवसायिक समागम के अंतिम दिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उद्योग, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग लगाने वाले कारोबारियों की सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी तरह गंभीर है. इसके लिए हर तीन महीने पर जिला स्तर पर बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में डीएम, एसपी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे, ताकि व्यापारियों की समस्याओं का जल्दी समाधान हो सके.
उद्योगों के लिए बेहतर माहौल बनाने पर जोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है. राज्य सरकार ने औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति-2025 लागू की है और उद्योग संगठनों से सुझाव लेकर इसमें लगातार सुधार किए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि अगर उद्योग जगत को किसी नीति में बदलाव की जरूरत महसूस होती है, तो वे सीधे उद्योग मंत्री से मिल सकते हैं. सरकार कारोबारियों के सुझावों के आधार पर नई नीतियां बनाने के लिए तैयार है.
बिहार में बन रहा 126 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आधारभूत संरचना को तेजी से मजबूत किया जा रहा है. गंगा और सोन नदी के किनारे करीब 126 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव बनाया जा रहा है, जो दिघवारा से शेरपुर तक विकसित होगा. इसके अलावा जेपी सेतु और महात्मा गांधी सेतु के समानांतर नए पुलों का निर्माण भी किया जा रहा है. राघोपुर पुल का उद्घाटन भी जल्द होने की बात कही गई.
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और टाउनशिप पर तेजी से काम
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार को ‘लैंड लॉक्ड स्टेट’ की समस्या से बाहर निकालने के लिए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, सड़क नेटवर्क और नई टाउनशिप पर तेजी से काम हो रहा है. सरकार अब तक 14 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहित कर चुकी है. वहीं टाउनशिप नीति के तहत करीब साढ़े छह लाख एकड़ क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तैयार की जा रही हैं. इससे लगभग 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता खुल सकता है.
दवा, IT और MSME सेक्टर में बड़ी संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार 14 करोड़ लोगों का बड़ा बाजार है. राज्य में दवा, आईटी, टेक्नोलॉजी, MSME और छोटे उद्योगों के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं. उन्होंने उद्योगपतियों से बिहार में निवेश बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि अब बिहार छोड़कर जाने का नहीं, बल्कि घर वापसी का समय है.
शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो अफसरों पर होगा एक्शन
सरकार ने प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर भी बड़ा संदेश दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी आवेदन पर 10 दिनों तक कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को नोटिस दिया जाएगा. वहीं 31 दिन तक कार्रवाई लंबित रहने पर निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है.
‘बिहार समृद्ध होगा, तभी देश विकसित बनेगा’
कार्यक्रम के अंत में सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार को विकसित और समृद्ध राज्य बनाने में उद्योग जगत की भूमिका सबसे अहम है. उन्होंने कहा कि जब बिहार आगे बढ़ेगा, तभी देश भी तेजी से विकास करेगा.
