CM Samrat Distribute Land: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गरीबों को जमीन बांट रहे हैं, यह खबर सुनते ही पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के बाहर हजारों की संख्या में भूमिहीन गरीब पहुंच गए. विक्रम, पालीगंज और जहानाबाद समेत अलग-अलग इलाकों से लोग जमीन मिलने की उम्मीद लेकर पटना पहुंचे हैं.
अधिकारियों ने बताया- जमीन बांटने की खबर पूरी तरह अफवाह
मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गरीबों को जमीन बांटने की खबर पूरी तरह अफवाह है. इसके बावजूद दूर-दराज से पहुंचे लोगों को निराश न करने के लिए उनके आवेदन जमा किये जा रहे हैं और उन्हें आवेदन की प्राप्ति रसीद दी जा रही है. लोगों को उम्मीद है कि उनके आवेदन पर आगे कोई कार्रवाई होगी.
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रसीद पर QR कोड, लेकिन आवेदकों को नहीं पता कैसे करें इस्तेमाल
आवेदन जमा करने के बाद लोगों को जो रसीद दी जा रही है, उस पर QR कोड भी प्रिंट है. इसके जरिए मोबाइल से आवेदन का स्टेटस देखने की बात कही जा रही है. लेकिन सचिवालय के बाहर पहुंचे अधिकांश लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं और उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि QR कोड या रसीद का इस्तेमाल कैसे करना है. साथ ही उन्हें यह भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है कि जमीन मिलेगी या नहीं और इसके लिए कितने समय तक इंतजार करना होगा.
किराया देकर पटना पहुंचे गरीब, बच्चों के साथ कई दिनों से डटे
जमीन मिलने की उम्मीद में पटना पहुंचे लोगों को आर्थिक परेशानी भी उठानी पड़ रही है. कई लोगों का कहना है कि वे करीब 1,000 रुपये तक किराया और ट्रेन टिकट पर खर्च करके यहां पहुंचे हैं. कुछ परिवार छोटे-छोटे बच्चों के साथ 2 से 4 दिनों से सचिवालय के बाहर बैठे होने की बात कह रहे हैं. लोगों का कहना है कि उन्हें अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनकी मांग पर क्या फैसला होगा.
भीषण धूप में परेशान लोग, पानी और ठहरने की व्यवस्था का अभाव
मुख्यमंत्री सचिवालय के बाहर भारी भीड़ के बीच भीषण धूप में लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. कई लोगों को चक्कर आने की शिकायत हो रही है. लोगों का कहना है कि उनके लिए ठहरने और पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है. जमीन मिलने की उम्मीद में दूर-दराज से पहुंचे इन लोगों के सामने अब यह सवाल है कि अफवाह के बाद जमा किये गये उनके आवेदनों का आगे क्या होगा.