Bihar Politics: बिहार की रघुनाथपुर विधानसभा सीट से राजद विधायक ओसामा शहाब को पटना हाईकोर्ट से राहत मिली है. कोर्ट ने जमीन विवाद से जुड़े एक मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली. इसके साथ ही उन्हें गिरफ्तारी से राहत मिल गई है.
सभी पक्षों को सुनने के बाद सुनाया फैसला
मंगलवार को जस्टिस खातिम रजा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई की. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने ओसामा शहाब को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया.
इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने मामले की केस डायरी तलब की थी. साथ ही विधायक के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी थी.
बचाव पक्ष ने कोर्ट में क्या दलील दी?
विधायक की ओर से अधिवक्ता नरेश दीक्षित ने अदालत को बताया कि जिस जमीन को लेकर प्राथमिकी दर्ज हुई है, उसी जमीन को लेकर सीवान की सिविल कोर्ट में पहले से हकियत वाद लंबित है.
उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता भी उसी जमीन पर अपना दावा कर रहा है. ऐसे में यह तय करना सिविल कोर्ट का अधिकार है कि जमीन का वास्तविक मालिक कौन है. जब तक स्वामित्व का फैसला नहीं हो जाता, तब तक किसी भी पक्ष के निर्माण कार्य को लेकर आपराधिक कार्रवाई उचित नहीं मानी जा सकती.
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FIR में विधायक पर सीधे आरोप नहीं
बचाव पक्ष ने अदालत को यह भी बताया कि दर्ज प्राथमिकी में विधायक ओसामा शहाब पर कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं लगाया गया है. एफआईआर में केवल मोबाइल पर बातचीत का उल्लेख है. इसमें न तो धमकी देने का आरोप है और न ही किसी आपराधिक कृत्य का स्पष्ट जिक्र किया गया है.
कोर्ट ने दी राहत
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पटना हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली. अदालत के इस फैसले से राजद विधायक ओसामा शहाब को बड़ी कानूनी राहत मिली है.
अब इस जमीन विवाद से जुड़े मूल मामले की सुनवाई संबंधित सिविल कोर्ट में जारी रहेगी, जहां जमीन के स्वामित्व पर अंतिम फैसला होगा.
