राजद ने पंचायत चुनाव में आरक्षण को लटकाया : ललन सिंह

केंद्रीय पंचायती राज, मत्स्य व डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि आजकल कुछ राजनीति दल के लोगों को देख रहे हैं.

संवाददाता, पटना

केंद्रीय पंचायती राज, मत्स्य व डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि आजकल कुछ राजनीति दल के लोगों को देख रहे हैं. 15 साल माता-पिता राज किये. 15 साल में आरक्षण व्यवस्था खत्म कर दी. जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सत्ता संभाली, तो एससी, अतिपिछड़ों व महिलाओं को पंचायत चुनाव में आरक्षण देने की सोची. पंचायत में आरक्षण नहीं देने के लिए लालू-राबड़ी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा डालकर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया. नीतीश कुमार ने मुकदमे को वापस लिया और सुप्रीम कोर्ट में जीत हासिल की. इसका नतीजा हुआ कि एकल पद भी आरक्षित किया गया. वे पटना के बापू सभागार में रविवार को जदयू की ओर से आयोजित भीम संवाद को संबोधित कर रहे थे. ललन सिंह ने कहा कि अगर उनमें (राजद) साहस है तो बताएं कि आरक्षण की व्यवस्था खत्म की या नहीं. बिहार की जनता को इसका जवाब दीजिये, नहीं तो वोट मांगने का अधिकार नहीं है. कहा कि सतर्क रहियेगा. कुछ लोग मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे हैं. उनके सपने को चकनाचूर करियेगा.

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद : मौके पर मंत्री सुमित कुमार सिंह, मो जमा खां, सांसद आलोक कुमार सुमन, सांसद अजय कुमार मंडल, विधायक अमन भूषण हजारी, कौशल किशोर, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, संजय सिंह, श्याम रजक, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा, पूर्व विधायक अरुण मांझी, चंदन कुमार, प्रभुनाथ राम, सलीम परवेज आदि मौजूद थे.

याचना नहीं अब रण होगा: रामनाथ ठाकुर

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि महाभारत से पहले दुर्योधन के यहां कृष्ण शांति का समझौता लेकर गये थे. दुर्योधन नहीं माना. वहीं, श्रीकृष्ण ने कहा था कि याचना नहीं अब रण होगा. अक्तूबर व नवंबर में बिहार में ‘महाभारत’(चुनाव) होने वाला है. तरह-तरह से लोग नीतीश कुमार पर निशाना साधेंगे. इन सबसे सतर्क रहना है. एकजुट होकर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार बनाने के लिए वोट करना है.

बिहार अभी पांच गियर से आगे बढ़ रहा: संजय

जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि आजादी के 58 साल तक पंचायत में एकल पद पर आरक्षण नहीं था. नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री बनते ही पंचायत में दलितों का आरक्षण सुनिश्चित किया. बिहार में रोजगार, उद्योग और पूंजी लगाने की जरूरत है. अगले पांच साल में इतनी पूंजी बिहार में लगेगी कि बिहार के लोगों को बाहर जाकर काम नहीं करना पड़ेगा. केंद्र से अभी सहयोग भी लेना है. पूंजी भी लगानी है. बिहार अभी पांच गियर से आगे बढ़ रहा है.

दलितों के मानस पिता हैं नीतीश : अशोक

भीम संवाद में मुख्य भूमिका निभाने वाले ग्रामीण कार्य मंत्री डॉ अशोक चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दलित व महादलित के मानस पिता हैं. उन्होंने वर्ष 2005 से वंचित व दलित समाज को आर्थिक व सामाजिक रूप से मजबूती प्रदान की है. इस संघर्ष की लड़ाई को ताकत देने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए हम यहां आये हैं. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दलित समाज को राजनीति का अवसर मिला. आने वाली पीढ़ियों को आगे बढ़ाना है.

बिहार राजनीति की दिशा तय करता है : विजय चौधरी

जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि राजनीति की दिशा वही हीती है, जो बिहार के गरीब तय करते हैं. आज की सभा बता रही है कि बिहार में कल क्या होने वाला है. संविधान में सबसे बड़ी ताकत वोट का अधिकार है. वो घड़ी आ गयी है. बाबा साहेब के सपनों को पूरा करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से सरकार बनानी है. इसे याद रखना है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में दलितों-महादलितों का उत्थान हो रहा है.

नीतीश ने आरक्षण बढ़ाकर 75 प्रतिशत किया : उमेश

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 75 फीसदी किया. हमलोग सुप्रीम कोर्ट गये हैं. वहां से जनहित में फैसला होगा. कार्यक्रम को शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, उत्पाद व मद्य निषेध मंत्री रत्नेश सदा, सूचना व जन संपर्क मंत्री माहेश्वर हजारी ने भी संबोधित किया. सभी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से बिहार में सरकार बनाने का आह्वान किया.

अचानक सीएम ने पूछा, अरे भाई कहां हैं अशोक चौधरी

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अरे भाई कहां हैं अशोक चौधरी जी, खड़ा होइये न. मुख्यमंत्री की आवाज पर अशोक चौधरी उनके पास हाथ जोड़कर खड़े हो गये. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये हमलोगों के साथ आ गये और सहयोग किया. कहा कि देश और राज्य में दलित समाज के लिए बहुत काम हो रहा है. इसको समाज के लोगों के बारे में जाकर बताइये. एक-एक काम के बारे में जानकारी दीजिए. पूछा, करियेगा न. अशोक चौधरी ने भी हां में सिर हिलाया.

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By Rakesh ranjan

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