संवाददाता, पटना जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने रविवार को कहा है कि राजद और कांग्रेस जैसे परिवारवादी दल दलितों-पिछड़ों व अतिपिछड़ों के लिए खतरा हैं. नमो-नीतीश राज में दलितों-पिछड़ों व अतिपिछड़ों के हुए सशक्तीकरण से सबसे ज्यादा कष्ट राजद-कांग्रेस जैसे परिवारवादी दलों को हुआ है. लोग भूले नहीं हैं कि पहले कैसे यह दोनों पार्टियां इन गरीब जातियों को अपने गुंडों-दबंगों से डरा-धमका कर उनके वोटों को लूट लिया करती थीं. कई जगहों पर इनके पूरे गांव को वोट डालने से रोक दिया जाता था. इसी तरह से इन दलों ने दशकों तक राज किया और अकूत संपत्ति अर्जित की. राजीव रंजन ने कहा कि एनडीए राज में दलितों-पिछड़ों व अतिपिछड़ों को पूरी ताकत व सुरक्षा मिली. उसी के परिणामस्वरूप यह दोनों दल सत्ता से बाहर हैं. यदि इन्हें गलती से भी मौका मिला, तो यह लोग गरीब जातियों को फिर से गर्त में पहुंचा देंगे. उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि इनके राज में सर्वाधिक शोषण इन्हीं गरीब जातियों का हुआ. उस समय होने वाले नरसंहारों में सबसे ज्यादा दलित-पिछड़े व अतिपिछड़े ही मरते थे. चूंकि इन जातियों की संख्या राज्य में सर्वाधिक है इसलिए यह राजद और कांग्रेस अपनी हार के लिए इन गरीब जातियों को जिम्मेदार मानते हैं. अगर गलती से इन्हें ताकत मिल गयी, तो यह अपनी हार का बदला इन जातियों से जरूर लेंगे. राजद के युवराज कर्पूरी मॉडल को फिर से लाकर इन जातियों का आरक्षण घटाने की दावा पहले ही कर चुके हैं.
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