Bihar Teacher Vacancy : पटना और नालंदा जिले में उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ी पहल की गई है. पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के तहत इन पटना और नालंदा जिले में संचालित 16 नए डिग्री कॉलेजों में कुल 192 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी. इस फैसले से लंबे समय से शिक्षक की कमी झेल रहे कॉलेजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और छात्रों को भी बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा.
जानकारी के मुताबिक, इन 16 कॉलेजों में विषयवार शिक्षकों की बहाली की जाएगी. हर कॉलेज में औसतन 12 शिक्षकों की नियुक्ति की योजना बनाई गई है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर तैयारी तेज कर दी है और जल्द ही आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे.
चयन प्रक्रिया को लेकर बनी रूपरेखा
विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित बैठक में बहाली प्रक्रिया को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. तय किया गया कि आवेदन लेने के बाद योग्य अभ्यर्थियों का साक्षात्कार आयोजित होगा. अगस्त महीने में ही इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि समय पर शिक्षकों की तैनाती हो सके.
बैठक में बताया गया है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित उम्मीदवारों को संबंधित कॉलेजों में पदस्थापित किया जाएगा. इससे नए सत्र में पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और नियमित कक्षाएं सुचारु रूप से चल सकेंगी.
Patna News : इन विषयों में होगी नियुक्ति
नियुक्ति प्रक्रिया के तहत कई प्रमुख विषयों के लिए शिक्षकों की बहाली की जाएगी. इनमें अर्थशास्त्र (इकोनॉमिक्स), अंग्रेजी, गणित, इतिहास, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र(सोशियोलॉजी) जैसे विषय शामिल हैं. विश्वविद्यालय का प्रयास है कि हर कॉलेज में सभी जरूरी विषयों के शिक्षक उपलब्ध रहें.
सेवा संपुष्टि पर भी फैसला
बैठक में केवल नई बहाली ही नहीं, बल्कि कार्यरत कर्मियों से जुड़े मामलों पर भी अहम निर्णय लिया गया. कॉलेजों में बेहतर शैक्षणिक माहौल और प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर पदों का सृजन किया है. 30 शिक्षकों और 48 शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की सेवा संपुष्टि को मंजूरी दी गई है. लंबे समय से लंबित इन मामलों के निपटारे से संबंधित कर्मियों को राहत मिली है.
इसके अलावा कुल 77 मामलों की समीक्षा की गई, जिनमें से अधिकांश मामलों का निष्पादन कर दिया गया. कुछ मामलों में दस्तावेजों की कमी के कारण निर्णय लंबित रखा गया है.
शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती
इस पहल से पटना और नालंदा के कॉलेजों में शिक्षा व्यवस्था को नया बल मिलेगा. अब तक कई कॉलेजों में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी. नई नियुक्तियों के बाद छात्रों को नियमित कक्षाएं और बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा.
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि पूरी बहाली प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी. योग्य और काबिल अभ्यर्थियों का चयन कर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है.
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